डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: शहर में बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने अब कमर कस ली है। सिटी एसपी ललित मीणा ने एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद चाकू की बिक्री को लेकर बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब शहर के हर क्षेत्र में बिकने वाले चाकुओं के लिए कलर कोडिंग अनिवार्य होगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना के बाद यह आसानी से पता चल सके कि हथियार किस इलाके और किस दुकान से खरीदा गया है।
चाकूबाजी रोकने के लिए 3 बड़े कदम
पुलिस ने अपराधियों पर नकेल कसने के लिए एक त्रिस्तरीय रणनीति तैयार की है।
क्षेत्रवार कलर कोडिंग: शहर के अलग-अलग इलाकों के लिए चापड़ (बड़े चाकू) पर अलग-अलग रंगों के कोड लगाए जाएंगे। दुकानदार अब बिना खरीदार का सत्यापन किए चाकू नहीं बेच पाएंगे।
ई-कॉमर्स पर शिकंजा: पुलिस जल्द ही अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को पत्र लिखेगी। मांग की जाएगी कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए धारदार हथियारों की धड़ल्ले से हो रही बिक्री पर रोक लगाई जाए।
दुकानदारों की बैठक: थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के थोक और खुदरा विक्रेताओं के साथ बैठक कर नई व्यवस्था को सख्ती से लागू करवाएं।
ट्रैफिक चेकिंग के लिए नए ‘हॉटस्पॉट’ चिह्नित
सिटी एसपी ने केवल अपराध ही नहीं, बल्कि यातायात व्यवस्था सुधारने पर भी जोर दिया है। अब शहर में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नए चिह्नित स्पॉट पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
आर्म्स एक्ट के अपराधियों पर नजर: जेल से छूटे अपराधियों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
कुर्की और वारंट: फरार अपराधियों के खिलाफ इश्तेहार और कुर्की की कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी।
महिला अपराध: महिला व पोक्सो से जुड़े मामलों में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने को कहा गया है ताकि दोषियों को त्वरित सजा मिल सके।
धमकी देने वालों की खैर नहीं
बिरसानगर थाना क्षेत्र में हाल ही में हुई चाकूबाजी के मामले में पीड़ित परिवार को केस वापस लेने की धमकियां मिल रही थी। इस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। बिड़ला कॉलेज रोड पर हुए हमले के संबंध में पुलिस ने दो नाबालिगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

