भरत तिवारी के एनकाउंटर पर जीतन राम मांझी के बयान से बढ़ेगा सियासी बवाल, जानें क्या कहा?

Neelam
By Neelam
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भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। इसी कड़ी में जहानाबाद पहुंचे केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान बड़ा और बेबाक बयान दिया है। जीतन राम मांझी के इस बयान के बाद बिहार में सियासी बवाल तय माना जा रहा है।

मांझी ने एनकाउंटर का खुलकर बचाव किया

केंद्र और बिहार सरकार में सहयोगी दल हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एनकाउंटर का खुलकर बचाव किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने पुलिस पर हथियार ताना है तो पुलिस की जवाबी कार्रवाई गलत नहीं कही जा सकती।

मांझी ने पूछा- पुलिस मर जाता तो?

मांझी ने कहा कि देखिए उस मामले में यानी भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में कहता है उसका परिवार की विक्षिप्त था। रिवॉल्वर क्यों उसके हाथ में दिया गया था। क्यों रखा गया था रिवॉल्वर छीन लिया जाता। परिवार ने नहीं उसको देखा। इसका मतलब ये है कि ये जानबूझकर परिवार वाले लोगों ने उसको उकसाया है। अगर वो पुलिस को मार दिया होगा। पुलिस मर जाता तो। बहुत अच्छा होता। आए दिन देखा जा रहा है। पुलिस पर बहुत आक्रमण हो रहे हैं।

भरत तिवारी एनकाउंटर पर एनडीए में दो राय

मांझी का बयान ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए के ही कई नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। भाजपा के मंत्री मिथिलेश तिवारी, विजय कुमार सिन्हा और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने मामले में निष्पक्ष जांच की आवश्यकता जताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि वायरल वीडियो देखने के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर संदेह पैदा होता है और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। लेकिन जीतन राम मांझी के सुर अपने ही सहयोगी दलों से जुदा हैं।

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