​MGM Medical College Big Decision: डिमना हादसे के बाद जागी प्रशासन, अब हॉस्टल से ड्यूटी तक MBBS छात्रों पर रहेगी पैनी नजर

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: डिमना लेक के पास जलाशय में डूबने से एमजीएम अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टरों की दुखद मौत के बाद कॉलेज प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। इस हालिया त्रासदी के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर और छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने सभी विभागाध्यक्षों के साथ आपात बैठक की और सुरक्षा, अनुशासन व जवाबदेही से जुड़े कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।

हॉस्टल से लेकर ड्यूटी तक 24/7 निगहबानी
​कॉलेज प्रबंधन ने साफ किया है कि सुरक्षा का दायरा केवल क्लासरूम तक सीमित नहीं रहेगा।
थ्री-लेयर सिक्योरिटी: अब छात्रों की सुरक्षा केवल क्लिनिकल कक्षा तक ही नहीं, बल्कि इमरजेंसी ड्यूटी, हॉस्टल और क्लीनिकल पोस्टिंग के दौरान भी कड़ी रखी जाएगी।
शिक्षकों को जिम्मेदारी: प्राध्यापकों और शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे भविष्य के डॉक्टरों को सुरक्षा के महत्व का अहसास कराएं। सुरक्षा को व्यक्तिगत नहीं, बल्कि संस्थागत दायित्व माना जाएगा।
मेंटल हेल्थ और अनुपस्थिति पर नजर: अगर कोई छात्र मानसिक तनाव में दिखता है या बिना सूचना के लंबे समय तक अनुपस्थित रहता है, तो इसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दी जाएगी ताकि परिजनों से संपर्क किया जा सके।
जोखिम वाली जगहों पर जाने से रोक: छात्रों को अकेले या समूह में किसी भी जोखिम भरे स्थान पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

MBBS दाखिले में फर्जीवाड़े पर प्रहार: NMC टीम करेगी सर्टिफिकेट्स की जांच
​इसी बैठक के साथ एमजीएम कॉलेज ने नए शैक्षणिक सत्र में एमबीबीएस के 150 छात्रों के दाखिले को लेकर भी सख्त कदम उठाए हैं। फर्जीवाड़े को पूरी तरह रोकने के लिए एनएमसी ने विशेष जांच टीम गठित की है।
सख्त जांच प्रक्रिया: दाखिला लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं के प्रमाण-पत्रों (खासकर दिव्यांगता और जाति प्रमाण-पत्र) की बारीक जांच की जाएगी।
सीट आवंटन रद्द होगा: जांच प्रक्रिया पूरी होने और दस्तावेज सही पाए जाने के बाद ही सीट अलॉट होगी। किसी भी स्तर पर सर्टिफिकेट फर्जी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुराना मामला: बता दें कि अगस्त 2025 में एमजीएम मेडिकल कॉलेज में जाली जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर एमबीबीएस में दाखिला लेने का मामला पकड़ में आया था, जिसे देखते हुए इस बार सतर्कता और बढ़ा दी गई है।

एनएमसी नियमों का कड़ाई से होगा पालन
​प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के सभी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन कराया जाएगा। बैठक में डॉक्टरों की मौत पर पूरे कॉलेज परिसर में शोक व्यक्त किया गया और दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई।

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