भीषण गर्मी झेल रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। देश में मानसून की एंट्री हो गई है। भारत मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल आने पर मुहर लगा दी है। गुरुवार को भारत मौसम विभाग में इसका औपचारिक ऐलान किया।
भारत में केरल मानसून का गेटवे
भारत के केरल को मानसून का गेटवे कहा जाता है। दरअसल हिंद महासागर से सीधे टकराने वाली दक्षिण पश्चिमी हवाएं ही अपने साथ मानसून लाती हैं। केरल इनका पहला पड़ाव है। यहां से इसकी दो शाखाएं बन जाती हैं। इनमें एक अरब सागर के ऊपर और दूसरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर से। ये हवाएं धीरे-धीरे उत्तर और पूर्व की ओर बढ़ते हुए पूरे देश में पहुंचती है और अपने साथ मानसून लेकर जाती हैं। हालांकि इस प्रक्रिया में एक से डेढ़ माह तक लग जाता है।
3 दिन की देरी से पहुंचा मानसून
भारत मौसम विभाग के निदेशक जनरल डॉक्टर एम महापात्र के मुताबिक, इस साल मानसून तय समय से 3 दिन की देरी से पहुंचा है। इससे पहले 15 मई को IMD ने मानसून के आगमन पर पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा था- दक्षिण पश्चिम मानसून 26 मई को केरल पहुंच सकता है। लेकिन ये 10 दिन की देरी के साथ आया है। आम तौर पर मॉनसून सीजन 1 जून के आसपास शुरू होता है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश की संभावना
मानसून की एंट्री के साथ केरल के साथ-साथ तमिलनाडु और कर्नाटक के कई इलाकों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। केरल के कई हिस्सों में पहले से ही तेज बारिश हो रही है, जिसके चलते अलप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि 11 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश हो सकती है।
इन राज्यों में होगी भारी बारिश
मौसम विभाग ने 4, 5, 6 और 7 जून को कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, माहे, यनम, कराईकल और रायलसीमा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। केरल में मानसून की दस्तक का असर इन दक्षिणी राज्यों में भी देखने को मिलेगा।
उत्तर और मध्य भारत में प्री-मानसून एक्टिव
इसके अलावा देश के कई राज्यों में प्री-मानसून की रफ्तार तेज़ हो गई है। ऐसे में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा, मणिपुर, असम, त्रिपुरा, मिज़ोरम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मेघालय में भी 4, 5, 6 और 7 जून को मौसम विभाग के अनुसार कई जगह तेज़ बारिश और कई जगह हल्की-मध्यम बारिश का अलर्ट है। इस दौरान तेज़ हवा चलने, धूल भरी आंधी चलने, बिजली गरजने और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है। बारिश की वजह से देश के कई राज्यों में गर्मी से आराम मिलेगा।
औसत से कम बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने इस साल जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान देश के अधिकतर हिस्सों में औसत से कम बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग ने कहा था कि चार महीनों के दरमियान औसतन 90 फीसदी तक बारिश हो सकती है। अलनीनो के असर के कारण बारिश में कमी की संभावना 60 फीसदी तक है।

