मिरर मीडिया : विरोध प्रदर्शन कर रहें छात्राओं पर बर्बरता पूर्ण लाठी चार्ज करने के मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग दिल्ली ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संज्ञान लिया है। आपको बता दें कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की तरफ से धनबाद उपायुक्त कार्यलय में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से मिलने पहुंची नाबालिग छात्राओं पर लाठी भांजने पर धनबाद उपायुक्त को पत्र के माध्यम से जवाब माँगा हैं।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार ‘आयोग ने सीपीसीआर अधिनियम की धारा 13 (1) (J) के अंतर्गत शिकायत का स्वत: संज्ञान लिया है। सोशल मीडिया की खबर के अनुसार धनबाद जिले में नाबालिगों द्वारा परीक्षाओं के विषय पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया जा रहा था। नाबालिगों के विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए एसडीएम द्वारा लाठी चार्ज किया गया। वीडियो में एसडीएम द्वारा विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए किया गया लाठी चार्ज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है व प्रकरण में कई नाबालिग लड़कियां गंभीर रूप से चोटिल हो गई है। इस बाबत आयोग ने उपायुक्त से वैधानिक कार्यवाही करते हुए तीन दिनों के भीतर प्रकरण की विस्तृत जाँच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही प्रकरण में नाबालिगों की बयान की कॉपी सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि 12वी फेल छात्राओं ने धनबाद समाहरणालय के समक्ष शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया इस दौरान महिला पुलिस भी मौके पर पहुंची और एसडीएम एडीएम सहित महिला पुलिस और कई दल बल छात्र-छात्राओं के साथ जमकर लाठियां बरसाई। वहीं एसडीएम सुरेन्द्र कुमार ने खुद महिला छात्रा पर लाठियां बरसा रहे थे इस दौरान सभी को खदेड़ते हुए समाहरणालय गेट के बाहर निकाला गया। समाहरणालय गेट के बाहर भी सभी छात्र छात्राएं हंगामा करते रहे जिसके बाद बाहर भी सुरक्षाकर्मियों ने लाठियां भांजी इस दौरान कई छात्र-छात्राएं चोटिल भी हुए।

