NEET छात्रा मौत केस: DNA के लिए 11 लोगों के नमुने लिए गए, पिता-भाई के सैंपल लेने पर भड़के पप्पू यादव

Neelam
By Neelam
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बिहार की राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में जांच जारी है। पुलिस की शुरुआती ‘आत्महत्या’ की थ्योरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पलट गई है, जिसमें यौन उत्पीड़न की आशंका जताई गई है। जिसके बाद फॉरेंसिक लैब ने इस मामले में हॉस्टल मालिक मनीष रंजन सहित 11 लोगों के ब्लड सैंपल लिए हैं। इनमें छात्रा के परिवार के पांच लोग और छह अन्य संदिग्ध शामिल हैं। 

एफएसएल की रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म पाया गया है। DNA टेस्ट के लिए अब सभी संदिग्धों के सैंपल लिए जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस वीभत्स कांड में कौन शामिल था। पटना में छह संदिग्धों का सैंपल भी डीएनए टेस्ट के लिए लिया गया है।

पिता-भाई का सैंपल लेने पर भड़के पप्पू यादव

वहीं, जांच टीम ने मृतका के पिता, भाई और मामा के भी डीएनए सैंपल लिए। इस कार्रवाई पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पुलिस को ‘बेगैरत’ बताते हुए कहा कि जो परिवार इंसाफ के लिए लड़ रहा है, पुलिस उन्हें ही अपमानित कर रही है। पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि अगर परिवार का कोई सदस्य शामिल होता, तो वे न्याय की मांग को लेकर इस तरह विरोध क्यों करते?

11 जनवरी को हुई छात्रा की मौत

बता दें कि पटना के चित्रगुप्त नगर में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में 6 जनवरी को जहानाबाद जिले की 17 साल की NEET छात्रा अपने कमरे में बेहोश मिली। हॉस्टल स्टाफ ने उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि उसने नींद की गोलियां ज्यादा खा ली थीं और टाइफाइड जैसी बीमारी भी थी। अगले पांच दिन इलाज चला, लेकिन 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। पटना पुलिस ने शुरू में इसे सुसाइड का मामला बताया।

परिवार ने लगाया रेप और हत्या का आरोप

हालांकि, परिवार ने आरोप लगाया कि मौत संदिग्ध है। छात्रा के शरीर पर चोट के निशान थे, प्राइवेट पार्ट्स में इंजरी और खून के धब्बे भी दिखे। परिवार ने रेप और हत्या का केस दर्ज कराया लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 14 जनवरी- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की बात आई, प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान की पुष्टि के बाद गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने संज्ञान लेते हुए एसआईटी का गठन किया।

दो थाना प्रभारियों पर गिरी गाज

17 जनवरी को FSL रिपोर्ट आई जिसमें अंडरगारमेंट्स में मेल स्पर्म मिला। इस बीच रेप की पुष्टि हुई और दो पुलिस ऑफिसर्स को सस्पेंड किया गया, क्योंकि उशुरुआती जांच में लापरवाही बरतने के उनपर आरोप लगे थे। जांच में शिथिलता बरतने और संदिग्धों के खिलाफ समय पर कार्रवाई न करने के आरोप में कदमकुआं के अपर थानाध्यक्ष हेमंत झा और चित्रगुप्त नगर की थानाध्यक्ष रोशनी कुमारी को निलंबित कर दिया गया। 

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