डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे क्षेत्र के बागबेड़ा (ग्वाला बस्ती) में सोमवार को रेलवे की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के दौरान भारी बवाल हो गया। प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच टकराव इस कदर बढ़ा कि नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। गुस्साई भीड़ ने रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर के साथ धक्का-मुक्की की, जिसके बाद टीम को काम बीच में ही छोड़कर वापस लौटना पड़ा।
आखिर क्यों मचा बवाल?
रेलवे इंजीनियरिंग विभाग की टीम पुलिस बल के साथ ग्वाला बस्ती निवासी मेघा यादव के मकान को ढहाने पहुंची थी। रेलवे का दावा है कि यह निर्माण रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से किया गया है। मकान मालिक को करीब 15 दिन पहले ही नोटिस दिया जा चुका था। कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के आदेश के बाद शुरू की गई थी।
दो घंटे तक चलता रहा हाई वोल्टेज ड्रामा
जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, महिलाओं और पुरुषों की भारी भीड़ ने बुलडोजर का रास्ता रोक लिया। स्थानीय लोगों का तर्क है कि वे वहां दशकों से रह रहे हैं, ऐसे में अचानक घर तोड़ना गलत है। देखते ही देखते बहस हाथापाई में बदल गई। मौके पर आरपीएफ और बागबेड़ा थाना के करीब 18 जवान मौजूद थे, लेकिन उग्र भीड़ के आगे उनकी कोशिशें नाकाफी दिखीं। आधिकारियों का कहना है कि सरकारी काम में बाधा डालना और अधिकारियों के साथ बदसलूकी करना गंभीर अपराध है। हम इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
वहीं सरकारी काम में बाधा डालने और मारपीट करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। घटना के बाद ग्वाला बस्ती में सन्नाटा तो है, लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभियान सिर्फ स्थगित हुआ है, खत्म नहीं। सुरक्षा की पुख्ता रणनीति के साथ दोबारा अतिक्रमण हटाया जाएगा।

