बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी द्वारा उम्मीदवार बदले जाने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। अभिषेक बंटी के पीछे हटने के बाद बांकीपुर उपचुनाव की लड़ाई एक बार फिर दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। अभिषेक कुमार सिन्हा के नामांकन वापस लेने के बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला।
प्रशांत किशोर का बीजेपी पर तीखा वार
प्रशांत किशोर ने मीडिया से कहा, हम लोगों ने पहले ही कहा था कि जन-बल के आगे कोई बल नहीं है। अभी तक आपने देखा था कि बीजेपी के डर से दूसरी पार्टियों के उम्मीदवार भागते थे। ये (बीजेपी) दूसरी पार्टी के उम्मीदवारों को ईडी-सीबीआई की डर दिखाकर, किसी को खरीदकर, किसी का नामांकन रद्द कराकर, ये लोग उम्मीदवार बदलवाते थे। आज ऊपर वाले ने इनके साथ ही इंसाफ कर दिया। पहली ही लड़ाई में इनका उम्मीदवार भाग गया।
बांकीपुर की जनता से डर गई बीजेपी- पीके
पीके ने कहा कि बीजेपी हमसे क्यों डरेगी। हम तो मुखिया भी नहीं हैं। इनके तो पीएम, गृह मंत्री और 80 प्रतिशत भारत पर इनका राज है। पीके ने कहा कि ये लोग बांकीपुर की जनता से डर गए हैं। ये लोग इसे अपना किला बता रहे थे। अहंकार में कह रहे थे कि कुत्ता बिल्ली को खड़ा करेंगे, तो बांकीपुर की जनता हमीं को वोट देगी। अब बीजेपी कैंडिडेट बदल रही है।
कोई भी विधानसभा क्षेत्र किसी की जागीर नहीं है-पीके
प्रशांत किशोर ने कहा कि इससे यह साबित होता है कि कोई भी विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र किसी का गढ़ या निजी जागीर नहीं है। अगर जनता उठ खड़ी हो जाए, तो बड़े से बड़े नेता भी पसीना बहाने पर मजबूर हो सकते हैं। बांकीपुर निर्वाचन क्षेत्र की बात करें, जहां हाल तक भाजपा सदस्य यह दावा करते थे कि उनका किला इतना मजबूत है।

