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महिला आरक्षण बिल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का बयान, बोली लैंगिक न्याय के लिए यह हमारे समय की सबसे परिवर्तनकारी क्रांति

देश : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को दिल्ली में आयोजित एशिया प्रशांत फोरम की 28वीं वार्षिक आम बैठक और द्विवार्षिक सम्मेलन को संबोधित किया। वहीं नए संसद भवन में महिला आरक्षण विधेयक पर राष्ट्रपति मुर्मु ने भी बयान दिया। उन्होंने इसका पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि लैंगिक न्याय के लिए यह हमारे समय की सबसे परिवर्तनकारी क्रांति होगी।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि हमने स्थानीय निकाय चुनाव में महिलाओं के लिए न्यूनतम 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित किया है। राज्य विधानसभाओं और राष्ट्रीय संसद में महिलाओं के लिए समान आरक्षण प्रदान करने का प्रस्ताव अब आकार ले रहा है, जो कि हमारे समय की सबसे परिवर्तनकारी क्रांति होगी। बता दें कि महिला आरक्षण बिल मंगलवार को नए संसद भवन में पेश किया जाने वाला पहला बिल था। आज इस बिल को लेकर सदन में बहसा-बहसी चल रही है।

मालूम हो कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जिस बैठक में शामिल हुई है, वह 20 से 21 सितंबर तक चलेगा। इसे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) द्वारा एशिया प्रशांत फोरम (APF) के सहयोग से 20-21 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर ग्लोबल अलायंस ऑफ नेशनल ह्यूमन राइट्स इंस्टीट्यूशंस (GANHRI) की सचिव अमीना बौयाच और एपीएफ के अध्यक्ष डू-ह्वान सॉन्ग और एनएचआरसी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा भी उपस्थित रहें।

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