प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यालय (PMO) जल्द ही अपने नए पते पर शिफ्ट होने जा रहा है। सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत बने ‘सेवा तीर्थ’ कॉम्प्लेक्स में स्थित ‘सेवा तीर्थ-1’ (Seva Teerth-1) बिल्डिंग को PMO का नया ठिकाना बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर नए कार्यालय में कार्यभार संभाल सकते हैं।
‘सेवा तीर्थ-1’ को अत्याधुनिक मॉडर्न वर्कस्पेस, भव्य सेरेमोनियल रूम्स और ‘सेवा’ की भावना को दर्शाने वाली वास्तुकला के साथ तैयार किया गया है। PMO के यहां स्थानांतरित होने के साथ ही एक ऐतिहासिक अध्याय का अंत हो जाएगा, क्योंकि 1947 में आज़ादी के बाद से अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक में ही स्थित था।
तीन भवन, तीन शीर्ष संस्थान
पूरा सेवा तीर्थ परिसर, जिसे एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव भी कहा जाता है, देश के शीर्ष प्रशासनिक और सुरक्षा संस्थानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
सेवा तीर्थ-1: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)
सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सेक्रेटेरिएट (सितंबर 2025 में ही शिफ्ट हो चुका है)
सेवा तीर्थ-3: नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) का कार्यालय
साउथ-नॉर्थ ब्लॉक बनेंगे राष्ट्रीय संग्रहालय
PMO और अन्य कार्यालयों के शिफ्ट होने के बाद साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक को एक विशाल पब्लिक म्यूज़ियम ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ (Yuge Yugeen Bharat Sangrahalaya) में बदला जाएगा। इस प्रस्तावित संग्रहालय के विकास के लिए तकनीकी सहयोग हेतु 19 दिसंबर 2024 को फ्रांस की म्यूज़ियम डेवलपमेंट एजेंसी के साथ समझौता (MoU) साइन किया गया था।
L&T कर रहा है निर्माण, नया आवास भी तैयार
पूरा सेवा तीर्थ परिसर लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा निर्मित किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के लिए एक नया आधिकारिक आवास भी पास ही बनाया जा रहा है, जिसे फिलहाल ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव पार्ट-2’ नाम दिया गया है।
औपनिवेशिक विरासत से मुक्ति की दिशा में कदम
यह बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के औपनिवेशिक विरासत को समाप्त करने के विज़न के अनुरूप है। इससे पहले उनकी सरकार ने नई दिल्ली के ऐतिहासिक राजपथ का नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ कर दिया था।
नए कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट भवन
केंद्र सरकार के वर्कस्पेस को आधुनिक बनाने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) की नई इमारतें भी बनाई जा रही हैं, ताकि दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में फैले मंत्रालयों को एक ही स्थान पर लाया जा सके। इनमें से एक प्रमुख भवन ‘कर्तव्य भवन’ का उद्घाटन पिछले साल अगस्त में किया गया था, जहां कई मंत्रालय पहले से कार्यरत हैं।

