पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के समर्थक सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के साथ लंबी बातचीत और कुछ महत्वपूर्ण आश्वासनों के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। साथ ही, देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए भी उन्होंने अपना अनशन खत्म करने की बात कही।
सोनम वांगचुक का अनशन कथित परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में शुरू हुआ था। आंदोलन के दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की मांग उठाई थी। सरकार की ओर से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने सहित कई आश्वासन दिए जाने के बाद वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त किया।
हालांकि, वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बावजूद छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा पेपर लीक पर सख्त कानून लाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भी संकेत दिया है।

