गढ़वा समेत पूरे पलामू प्रमंडल में जमीन के काले कारोबार और उससे जुड़े खूनी खेल पर अब पुलिस का बड़ा शिकंजा कसने जा रहा है। पलामू प्रक्षेत्र के डीआईजी किशोर कौशल ने भू-माफियाओं के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े ‘मिशन मोड’ अभियान का ऐलान कर दिया है। उन्होंने गढ़वा, पलामू और लातेहार जिलों के एसपी को एक सप्ताह के भीतर सक्रिय भू-माफियाओं की विस्तृत सूची सौंपने का निर्देश दिया है।
🔴 मास्टरमाइंड पर सीधा वार
निर्देश मिलते ही गढ़वा पुलिस ने जमीनी स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बार पुलिस सिर्फ छोटे दलालों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे सिंडिकेट को चलाने वाले ‘मास्टरमाइंड’ को टारगेट किया जाएगा।
🔥 जमीन विवाद से बढ़ी हिंसा
हाल के दिनों में गढ़वा जिले में जमीन विवाद को लेकर फायरिंग और हत्या जैसी घटनाएं बढ़ी हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि कई रसूखदार लोग अपराधियों को फंडिंग कर रहे हैं। अब पुलिस ऐसे लोगों के मोबाइल कॉल डिटेल और डिजिटल फुटप्रिंट खंगाल रही है।
📊 तीन कैटेगरी में बांटे जाएंगे माफिया
पुलिस द्वारा तैयार की जा रही सूची में भू-माफियाओं को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा रहा है:
श्रेणी A (हाई रिस्क): संगठित गिरोहों से जुड़े बड़े माफिया
श्रेणी B (मिड लेवल): दस्तावेजों में हेराफेरी करने वाले और बिचौलिये
श्रेणी C (एजेंट): जमीन चिन्हित करने वाले छोटे सहयोगी
👁️ पुलिस की पैनी नजर इन पर
फर्जी खतियान और डीड बनाकर जमीन कब्जाने वाले
जमीन विवाद को खूनी संघर्ष में बदलने वाले
अपराधियों को फंडिंग करने वाले पर्दे के पीछे के खिलाड़ी
⚖️ सख्त कार्रवाई की तैयारी
डीआईजी किशोर कौशल ने साफ कहा है कि सूची मिलते ही चिन्हित अपराधियों के खिलाफ सीसीए और गैंगस्टर एक्ट जैसी कड़ी धाराओं में कार्रवाई होगी। तीनों जिलों की पुलिस संयुक्त रूप से छापेमारी करेगी, ताकि किसी भी आरोपी को भागने का मौका न मिले।

