डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : जमशेदपुर में अपने ऑपरेशन्स को पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल और हरित ऊर्जा पर आधारित बनाने के लिए टाटा स्टील ने एक अहम कदम उठाया है। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने टाटा स्टील को भारतीय सौर ऊर्जा निगम से 50 मेगावाट सौर ऊर्जा खरीदने के पावर सेल एग्रीमेंट को औपचारिक मंजूरी दे दी है।
सस्ती बिजली और RPO मानकों की पूर्ति
इस समझौते के तहत टाटा स्टील को मात्र ₹2.54 प्रति किलोवाट/यूनिट की प्रतिस्पर्धी दर पर हरित बिजली मिलेगी। इसके अलावा, मध्यस्थ खरीददार के रूप में SECI को ₹0.07 प्रति यूनिट ट्रेडिंग मार्जिन दिया जाएगा। इस सौर ऊर्जा खरीद से टाटा स्टील को अपनी ‘रिन्यूएबल परचेज ऑब्लिगेशन’ की अनिवार्य शर्तों को पूरा करने में सीधी मदद मिलेगी।
लाइसेंस क्षेत्र में आपूर्ति: यह 50 MW सौर ऊर्जा टाटा स्टील के जमशेदपुर लाइसेंस क्षेत्र के लिए खरीदी जा रही है।
आयोग का फैसला: JSERC के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नवनीत कुमार और सदस्य महेंद्र प्रसाद की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए इस याचिका का निष्पादन किया और समझौते पर मुहर लगाई।
आपूर्ति की शुरुआत: जनवरी 2026 से सौर ऊर्जा डेवलपर (एज्यूर सोलर प्राइवेट लिमिटेड) टाटा स्टील को बिजली की आपूर्ति शुरू कर देगा।
पर्यावरण लक्ष्य: चालू वित्तीय वर्ष के साथ-साथ कंपनी 2025-26 के लिए तय 33.01% और 2029-30 तक 43.33% रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्य को आसानी से हासिल कर सकेगी।
टाटा स्टील जमशेदपुर में पहले ही 41 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट विकसित कर चुकी है, जिसमें रूफटॉप, ग्राउंड-माउंटेड और फ्लोटिंग सोलर इंस्टॉलेशन शामिल हैं। अब SECI के साथ हुआ यह नया समझौता शहर को अधिक स्वच्छ और सतत ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाएगा।

