रेल यात्रियों की बढ़ी मुसीबत: एक तरफ पटरियों की मरम्मत का ‘ब्लॉक’, दूसरी तरफ लेटलतीफी ने छुड़ाए पसीने

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर :दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा रेल मंडल में पटरियों के रख-रखाव के नाम पर लिए गए ‘रोलिंग ब्लॉक’ ने झारखंड, बिहार और ओडिशा के हजारों रेल यात्रियों का गणित बिगाड़ दिया है। 13 से 18 जनवरी तक चलने वाले इस काम के कारण न केवल 9 ट्रेनें रद्द की गई हैं, बल्कि टाटा-हटिया एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों का मार्ग भी बदल दिया गया है।

ब्लॉक के कारण रद्द और प्रभावित ट्रेनें
रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार, मरम्मत कार्य की वजह से कुल 9 ट्रेनें रद्द रहेंगी और 10 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। टाटा-हटिया एक्सप्रेस अब अपने सामान्य मार्ग के बजाय चांडिल-गुंडाबिहार-मुरी होकर चलेगी। आसनसोल-आद्रा मेमू (13, 14, 16 जनवरी), आद्रा-बराहभूम मेमू (15, 18 जनवरी), और आद्रा-भागा मेमू (18 जनवरी) प्रमुख रूप से बंद रहेंगी। झाड़ग्राम-धनबाद एक्सप्रेस, वर्द्धमान-हटिया मेमू और आसनसोल-टाटानगर मेमू जैसी ट्रेनें भी विभिन्न तिथियों पर बीच के स्टेशनों पर ही रोक दी जा रही है।

सांसद विद्युत वरण महतो ने इस गंभीर मुद्दे पर दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांड्रा, गम्हरिया और आदित्यपुर जैसे नजदीकी स्टेशनों से टाटानगर पहुंचने में भी ट्रेनें असामान्य समय ले रही हैं, जिससे दैनिक यात्री और छात्र बुरी तरह प्रभावित हैं।सांसद के हस्तक्षेप के बाद रेलवे प्रशासन ने देरी के लिए पांच मुख्य कारण गिनाए हैं।

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एलिफेंट कॉशन ऑर्डर: हाथियों की सुरक्षा के लिए गति सीमा।

बुनियादी ढांचा विकास: ट्रैक और सिग्नल का काम।

कोहरा: विजिबिलिटी कम होना।

चेन पुलिंग: असामाजिक तत्वों द्वारा बार-बार ट्रेन रोकना।

सिग्नल केबल चोरी: हाल ही में 9 जनवरी को हुई चोरी ने व्यवस्था को और धीमा कर दिया।

रेलवे ने भरोसा दिलाया है कि वे हाथियों की निगरानी के लिए AI तकनीक और अतिरिक्त प्लेटफार्म निर्माण जैसे ठोस कदम उठा रहे हैं ताकि भविष्य में समय सारणी को सुधारा जा सके।

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