जमुई: झाझा के पुरानी बाजार क्षेत्र में शनिवार देर रात ताजिया जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच अचानक विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चलने लगे, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना में महिला, बच्चे और युवाओं समेत कई लोग घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, एक ताजिया जुलूस पुरानी बाजार से जबकि दूसरा गोंगाकुरा (धोबीया कुरा) गांव की ओर से निकाला जा रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और पथराव शुरू हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों ओर से ईंट-पत्थर चलने से कई लोग घायल हो गए और इलाके में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया।
पुरानी बाजार जुलूस के लोगों द्वारा आरोप लगाया जा रहा कि जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने बिना किसी उकसावे के ईंट-पत्थर फेंककर हमला किया। जबकि धोबीयाकुरा के लोगों द्वारा यह आरोप लगाया जा रहा है कि यह सब पहले से प्लान किया गया था और कई लोगों को इसके लिए तैयार किया गया था। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
सूचना मिलते ही एसडीपीओ राजेश कुमार, एसआई नितीश कुमार समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात पर काबू पाया। घायलों को तत्काल झाझा रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार कराया गया। समय रहते पुलिस के हस्तक्षेप से किसी बड़ी अप्रिय घटना को टाल दिया गया।
बता दें कि इस घटना से एक दिन पहले ही मुहर्रम को लेकर झाझा थाना अध्यक्ष एम.के. सिंह ने पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला था। फ्लैग मार्च के दौरान उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखते हुए ताजिया जुलूस एवं मुहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की थी। इसके बावजूद ताजिया जुलूस के दौरान यह पथराव की घटना सामने आई।
फिलहाल इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है तथा घटना के कारणों और इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।

