डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर:पूर्वी सिंहभूम जिले के सरकारी और आवासीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक का मुख्य फोकस बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ हर बच्चे तक समय पर पहुंचाने पर रहा।
बैठक के दौरान लिए गए प्रमुख फैसले और दिए गए निर्देश
प्राइवेट स्कूल के रिटायर्ड टीचर्स की ली जाएगी मदद
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में शिक्षा के स्तर को निजी स्कूलों के समकक्ष लाने के लिए प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है। अब इन स्कूलों में पठन-पाठन की गुणवत्ता सुधारने के लिए निजी विद्यालयों के सेवानिवृत्त और इच्छुक शिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी। इसके अलावा, छात्रों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से विषयवार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाएगी।
7,238 बच्चों के लिए लगेंगे विशेष कैंप
जिले के 7,238 ऐसे बच्चे जिनके पास जन्म प्रमाण पत्र न होने के कारण आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है, उनके लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। DC ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड की प्रक्रिया को एक साथ पूरा कराकर शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन और बैंक खाता सुनिश्चित किया जाए। पिछले महीने जिले में 919 नए बैंक खाते खोले गए हैं, जिसमें और तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
उपस्थिति का नया टारगेट — न्यूनतम 70%
छात्राओं की उपस्थिति की समीक्षा करते हुए DC ने चाकुलिया, डुमरिया और मुसाबनी प्रखंड में विशेष ध्यान देने को कहा है। अगली समीक्षा बैठक तक जिले के सभी प्रखंडों में न्यूनतम 70 प्रतिशत उपस्थिति का कड़ा लक्ष्य तय किया गया है।
11 अगस्त से ‘सिकुई दिकुई’ अभियान के तहत परीक्षा
जिले में सिकुई दिकुई अभियान के तहत 11 अगस्त से परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए प्रश्न पत्र और समय-सारणी से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। DC ने परीक्षा को पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से कराने के निर्देश दिए हैं।
लंबित निर्माण कार्य जल्द होंगे पूरे
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर भी चर्चा हुई। विद्यालयों में भवन निर्माण से जुड़े सभी अधूरे कामों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आदेश दिया गया है, ताकि बच्चों के रहने और पढ़ने में कोई बाधा न आए।
योग्य छात्रों को मिलेगी साइकिल
समीक्षा के दौरान विद्यालयों में बची हुई साइकिलों के त्वरित वितरण का आदेश दिया गया। DC ने स्पष्ट किया कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र छात्र-छात्रा तक समय सीमा के भीतर पहुंचना अनिवार्य है।

