भारत सरकार का रेल मंत्रालय देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पटरी पर उतारने की तैयारियों में तेजी से जुटा है। भारतीय रेल के इतिहास में यह पहली बार होगा जब वंदे भारत ट्रेन को स्लीपर वर्जन में शुरू किया जा रहा है। यह अत्याधुनिक ट्रेन पश्चिम बंगाल के हावड़ा जंक्शन (कोलकाता) से असम के कामाख्या जंक्शन (गुवाहाटी) के बीच इसी महीने के अंत में चलाई जाएगी।
यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्वी भारत को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी। रात में चलने वाली यह ट्रेन 14 घंटे में 968 किलोमीटर की दूरी तय करेगी, जिससे यात्रियों को तेज, आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।
नहीं होगा VIP या इमरजेंसी कोटा
एक रिपोर्ट के अनुसार, इस ट्रेन में VIP या इमरजेंसी कोटा नहीं होगा। आम यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे ने फैसला लिया है कि इसमें रेलवे के टॉप और सीनियर अधिकारी भी अपने ट्रैवल पास का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में केवल कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। वेटिंग लिस्ट और RAC टिकट की अनुमति नहीं होगी, जिससे यात्रियों को सीट और बर्थ को लेकर कोई असमंजस नहीं रहेगा।
अपग्रेडेड बेडरोल और स्थानीय व्यंजन
इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को पूरी तरह से अपग्रेडेड और प्रीमियम क्वालिटी का बेडरोल मिलेगा, जो सामान्य ट्रेनों से काफी बेहतर होगा। यात्रियों को सफर के दौरान स्थानीय व्यंजन परोसे जाएंगे। ट्रेन का पूरा स्टाफ डेडिकेटेड यूनिफॉर्म में तैनात रहेगा, जिससे सेवा स्तर को और बेहतर बनाया जा सके।
18 कोच, कुल 823 स्लीपर सीटें
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 18 कोच होंगे। इनमें—
फर्स्ट एसी: 1 कोच (24 सीटें)
सेकेंड एसी: 4 कोच (188 सीटें)
थर्ड एसी: 11 कोच (611 सीटें)
इस तरह ट्रेन में कुल 823 स्लीपर सीटें उपलब्ध होंगी।
इन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन
हावड़ा से कामाख्या के बीच यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बंडेल, नबद्वीप धाम, कटवा, अजीमगंज, न्यू फरक्का, मालदा टाउन, अलुआबाड़ी रोड, न्यू जलपाईगुड़ी, जलपाईगुड़ी रोड, न्यू कूचबिहार, न्यू अलीपुरद्वार, न्यू बोंगईगांव और रंगिया रेलवे स्टेशनों पर ठहराव करेगी।

