डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: खरौंधी प्रखंड में गहराते बिजली संकट और सिंचाई बाधित होने से आक्रोशित किसानों का सब्र सोमवार को आखिरकार टूट गया। पूर्व उपप्रमुख गोरखनाथ चौधरी के नेतृत्व में पावर सब स्टेशन पर प्रदर्शन कर रहे दर्जनों किसानों ने मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के सहायक अभियंता दीपक कुमार सिंह और कनीय अभियंता महादेव महतो को बंधक बना लिया। लगभग एक घंटे तक चले इस ड्रामे के बाद, जब अधिकारियों ने नियमित बिजली आपूर्ति का लिखित आश्वासन दिया, तब जाकर किसानों ने उन्हें छोड़ा।
चंदनी मोड़ से शुरू हुआ आक्रोश, सब स्टेशन पर बना बंधक
सोमवार को खरौंधी और आसपास के इलाकों से आए किसान व स्थानीय जनप्रतिनिधि चंदनी मोड़ पर एकत्र हुए। वहां से बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में पावर सब स्टेशन पहुंचे।
दोपहर करीब 3:00 बजे जब SDO दीपक कुमार सिंह और JE महादेव महतो किसानों से बात करने पहुंचे, तो उग्र भीड़ ने उन्हें घेर लिया और जाने से रोक दिया। किसानों की साफ शर्त थी कि जब तक बिजली आपूर्ति सुधारने को लेकर ठोस लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक अधिकारियों को जाने नहीं दिया जाएगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDO ने 11 सूत्री मांग पत्र स्वीकार किया और लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद शाम 4:00 बजे दोनों अधिकारियों को मुक्त किया गया।
सुखाड़ की मार और ऊपर से बिजली की बेवफाई: किसान बेहाल
धरना सभा को संबोधित करते हुए पूर्व उपप्रमुख गोरखनाथ चौधरी ने कहा कि पूरा प्रखंड इस समय कृषि संकट से गुजर रहा है। कम बारिश की वजह से किसान पहले ही सुखाड़ जैसी स्थिति झेल रहे हैं। ऐसे समय में धान रोपनी और फसलों की सिंचाई के लिए बिजली ही एकमात्र सहारा है, लेकिन विभाग की लापरवाही से कृषि कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। छात्र, व्यापारी और आम लोग भी इस बदहाली से त्रस्त हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रतिदिन 24 घंटे निर्बाध बिजली की व्यवस्था नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जवाबदेही बिजली प्रशासन की होगी।
जनप्रतिनिधियों ने उठाई एकसुर में आवाज
प्रदर्शन के दौरान स्थानीय पंचायतों के प्रतिनिधियों ने भी विभाग पर जम कर भड़ास निकाली। सभा को संबोधित करने वालों में मुख्य रूप से शामिल थे।
मंशा देवी (मुखिया, करीवाडीह पंचायत)
संतोष कुमार सिंह (मुखिया पति, राजी पंचायत)
शिवकुमार यादव (मुखिया पति, अरंगी पंचायत)
उदय मेहता (मुखिया पति, सिसरी पंचायत)
कृष्णा प्रसाद (मुखिया पति, खरौंधी पंचायत)
सतीश राम (मुखिया पति, मझिगावां पंचायत)
प्रमोद चौधरी व राम बदन सिंह (किसान नेता)
सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि अगर विभाग ने जल्द सुधार नहीं किया, तो किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। धरना प्रदर्शन में प्रखंड के विभिन्न गांवों से सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद थे।

