दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में चाकूबाजी की घटना के बाद भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने घायल होने के बावजूद विमान को संभाला और 174 लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। विमान को सऊदी अरब के तबुक डायवर्ट कर सुरक्षित लैंड कराया गया।
कॉकपिट में हुआ हमला
करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर को-पायलट द्वारा स्मित मच्छार पर हमला किए जाने और विमान को क्रैश करने की कोशिश का आरोप है। घटना के दौरान विमान करीब 14 हजार फीट नीचे आया, जिससे हाईजैक की आशंका पैदा हो गई।
घायल होने के बाद भी संभाला मोर्चा
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक कर मदद के लिए आवाज लगाई। इसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू किया और विमान को तबुक की ओर मोड़ दिया गया।
मुंबई में पले-बढ़े स्मित
39 वर्षीय स्मित मच्छार मुंबई के घाटकोपर ईस्ट में पले-बढ़े। उन्होंने शुरुआत में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन बाद में पायलट बनने का फैसला किया। उन्होंने 2011 में स्पाइसजेट से उड़ान शुरू की और 2020 में लाइन ट्रेनिंग कैप्टन बने।
पीएम मोदी, ट्रंप और नेतन्याहू ने की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी वजह से सैकड़ों लोगों की जान बची और बड़ी त्रासदी टल गई। उन्होंने कहा कि भारत को उन पर गर्व है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट की बहादुरी की सराहना की।
पत्नी सोनल और दो बच्चों का परिवार
स्मित जून 2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े और अपने दो बच्चों के साथ दुबई में रहते हैं। उनके माता-पिता का नाम उपेंद्र मच्छार और गीता मच्छार है। पत्नी सोनल से उनके दो बच्चे हैं, बेटी जीवा पांच साल की और बेटा क्रिष दो साल का है।

