गुमला के पालकोट जंगलों में दो हाथियों का डेरा, ग्रामीणों की बढ़ी धड़कनें, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : जिले के पालकोट प्रखंड क्षेत्र के जंगलों में दो जंगली हाथियों के प्रवेश करने से ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मच गया है। गोनमेर पहाड़ी और उसके आसपास के जंगलों में हाथियों की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद स्थानीय लोगों में जहां एक तरफ कौतूहल का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी गहरी हो गई हैं। हाथियों के इस अचानक मूवमेंट की खबर मिलते ही वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। क्षेत्र के वनपाल कृष्णा महतो ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग की विशेष टीमें दोनों हाथियों की हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रही हैं। हाथियों के संभावित रूट पर आने-जाने वाले गांवों के लोगों को लगातार मुनादी और संवाद के जरिए जागरूक किया जा रहा है। वन विभाग ने साफ निर्देश दिया है कि ग्रामीण अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और किसी भी स्थिति में अकेले जंगल की ओर या हाथियों के रास्ते पर जाने से बचें।

प्रशासन की सख्त हिदायत: सेल्फी लेने या भगाने की न करें भूल
वन विभाग ने आम जनता और खासकर युवाओं से अपील की है कि वे हाथियों के करीब जाने का दुस्साहस बिल्कुल न करें। अक्सर देखने में आता है कि लोग रोमांच या वीडियो-फोटो के चक्कर में जंगली जानवरों के बहुत नजदीक चले जाते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है।

विभाग द्वारा जारी प्रमुख दिशानिर्देश
​हाथियों को देखकर भीड़ बिल्कुल न जुटाएं और न ही उन्हें भगाने या डराने की कोशिश करें। जंगली जानवरों के रास्ते में बाधा न बनें और उनसे सुरक्षित दूरी बनाकर रखें। ​किसी भी तरह की छेड़खानी या उकसावे से हाथी आक्रामक हो सकते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है। हाथियों की लोकेशन मिलते ही तुरंत स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दें, खुद से स्थिति संभालने का प्रयास न करें। फिलहाल वन विभाग की रेस्क्यू और मॉनिटरिंग टीमें मौके पर कैंप कर रही हैं। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य हाथियों को सुरक्षित रूप से घने जंगल की ओर खदेड़ना और जनजीवन को सुरक्षित रखना है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

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