जमीन पर दावा किसी का, कागज किसी और के नाम! पलामू में दस्तावेजी खेल के आरोप से मचा बवाल

Reena Sharma
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पलामू के मेदिनीनगर सदर अंचल के चियांकी गांव में जमीन के कागजात में कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि खाता 83, प्लॉट 1535 की 0.15.98 एकड़ जमीन से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर कर दूसरे पक्ष के नाम LPC जारी किया गया, जबकि जमीन पर जंगली साव के वंशज अपना दावा कर रहे हैं।

जमीन के रकबे को लेकर विवाद

जंगली साव के वंशज बीरेन्द्र साव और धीरेन्द्र साव के अनुसार, खाता 83, प्लॉट 1535 में उनके पूर्वजों के नाम 13.98 डिसमिल जमीन दर्ज है। वहीं दूसरे पक्ष नागू साव वगैरह के नाम इसी प्लॉट में 0.02 डिसमिल जमीन बताई गई है।

दूसरे पक्ष के नाम LPC बनाने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि तत्कालीन अंचलाधिकारी झुनु मिश्रा और कर्मचारी शीला पंडित की मिलीभगत से नागू साव के नाम 0.15.98 एकड़ जमीन का लैंड पोजिशन सर्टिफिकेट (LPC) बना दिया गया। इसी आधार पर NH-39 में जमीन का मुआवजा भी दूसरे पक्ष को मिलने का आरोप है।

जमीन या मुआवजे के लिए भटक रहा परिवार

जंगली साव के वंशजों का कहना है कि जमीन या मुआवजे की राशि के लिए वे लगातार कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि दस्तावेजों में कथित हेरफेर के कारण उन्हें अपने हक से वंचित होना पड़ा।

अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर, न्याय का इंतजार

बीरेन्द्र साव समेत परिवार के सदस्य पलामू के अधिकारियों के कार्यालयों में शिकायत लेकर पहुंच चुके हैं। उनका कहना है कि मामले में अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है और वे जमीन अथवा मुआवजे को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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