डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: जापान में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत के युवा निशानेबाजों ने देश का नाम रोशन कर दिया है। रेवाड़ी जिले के सुलखा गांव के रहने वाले कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। उनके साथ हरियाणा की ही रहने वाली सुरुचि इंद्र सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में यह दूसरा स्वर्ण पदक डाला। कमलजीत की इस ऐतिहासिक सफलता से उनके पैतृक गांव सुलखा सहित पूरे हरियाणा में जश्न का माहौल है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी सोशल मीडिया के जरिए उन्हें इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई दी है।
किस्मत का ऐसा पलटा पासा, बना दिया नया रिकॉर्ड
यह स्वर्ण पदक जीतना कमलजीत के लिए किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि कमलजीत मूल रूप से इस मिक्स्ड टीम स्पर्धा के लिए मुख्य टीम में शामिल ही नहीं थे। उन्हें अंतिम समय पर केदारलिंग बालकृष्ण उचागनवे के स्थान पर टीम में मौका दिया गया था। इस अचानक मिले अवसर को कमलजीत ने पूरी तरह भुनाया और साबित कर दिया कि वे बड़े मंच के दबाव को झेलने में पूरी तरह सक्षम हैं।
तोड़ा पुराना एशियाई रिकॉर्ड
फाइनल मुकाबले में कमलजीत और सुरुचि सिंह की जोड़ी ने कुल 484.6 अंक हासिल किए। इस बेहतरीन स्कोर के साथ उन्होंने न सिर्फ गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया, बल्कि एक नया एशियाई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उनका यह स्कोर पिछले एशियाई रिकॉर्ड (481.3 अंक) से तीन अंक से भी अधिक बेहतर रहा, जो उनकी असाधारण फॉर्म और सटीकता को बयां करता है।
साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं कमलजीत
यह सफलता इसलिए भी और अधिक प्रेरणादायक है क्योंकि कमलजीत एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं। उनके पिता एक स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र की कंपनी में नौकरी करते हैं, जबकि उनकी माता एक गृहिणी हैं। दो भाइयों में बड़े कमलजीत ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और संघर्ष के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उनका छोटा भाई अभी अपनी पढ़ाई कर रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद कमलजीत का यह सफर देश के लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल बन गया है।

