देवघर के ‘प्रोजेक्ट शिशु’ की गूंज पहुंचेगी देशभर में! CJI सूर्यकांत ने की पहल की सराहना, राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार का दिया भरोसा

Reena Sharma
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देवघर। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने देवघर में झालसा की ओर से संचालित प्रोजेक्ट शिशु की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की पहल का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि अनाथ, बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों को संरक्षण देने के साथ-साथ उन्हें बेहतर भविष्य और सम्मानजनक जीवन का अवसर उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पहुंचे न्यायालय परिसर

बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर पहुंचे CJI न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सबसे पहले बाबा बैद्यनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे देवघर व्यवहार न्यायालय परिसर पहुंचे, जहां राज्यस्तरीय विधिक सेवा-सह-सशक्तीकरण शिविर का आयोजन किया गया।

आदिवासी लोकनृत्य और राष्ट्रगान से हुआ भव्य स्वागत

न्यायालय परिसर में उनका स्वागत पारंपरिक आदिवासी लोकनृत्य और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच किया गया। इसके बाद राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।

प्रोजेक्ट शिशु की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों की सराहना

कार्यक्रम के दौरान झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) की महत्वपूर्ण पहल प्रोजेक्ट शिशु पर विशेष चर्चा हुई। CJI न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने इस परियोजना की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों की सराहना की। उन्होंने अनाथ, बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण तथा उनके बेहतर भविष्य के लिए इस तरह की पहल को महत्वपूर्ण बताया।

नालसा के माध्यम से देशभर में लागू करने की पहल

मुख्य न्यायाधीश ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) के माध्यम से प्रोजेक्ट शिशु को देशभर में लागू करने की दिशा में पहल करने का भरोसा दिया। देवघर में आयोजित यह शिविर जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश दे गया।

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