गढ़वा (झारखंड)। गढ़वा की राजनीति में इन दिनों युवा समाजसेवी सुजीत धर दुबे उर्फ रिशु दुबे से जुड़ा विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। कथित तौर पर फिरौती मांगने और धमकी देने के आरोप से शुरू हुआ मामला अब आरोप-प्रत्यारोप के बीच राजनीतिक रंग लेता जा रहा है।
पहले फिरौती मांगने की शिकायत, फिर हरि शंकर दुबे की ओर से लगाए गए प्रत्यारोप और अब स्थानीय विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी पर लगे गंभीर आरोपों ने पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है।
विधायक पर साजिश रचने का लगाया आरोप
मामले को लेकर रिशु दुबे ने स्थानीय विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ चल रहे पूरे घटनाक्रम के पीछे विधायक स्तर से साजिश रची जा रही है।
उन्होंने आशंका जताई है कि इस मामले को राजनीतिक रूप देकर उन्हें निशाना बनाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और विधायक पक्ष का जवाब सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।
हरि शंकर दुबे के प्रत्यारोप से उलझा मामला
वहीं, हरि शंकर दुबे की ओर से लगाए गए प्रत्यारोप के बाद मामला और उलझ गया है। अब यह विवाद केवल दो पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके राजनीतिक निहितार्थ भी तलाशे जाने लगे हैं। गढ़वा की स्थानीय राजनीति में युवा नेतृत्व, सामाजिक प्रभाव और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
रिशु दुबे के समर्थन में युवाओं की बड़ी भागीदारी
इसी बीच रिशु दुबे के समर्थन में युवाओं की बड़ी भागीदारी और भव्य आयोजन ने राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा दिया है। समर्थकों की मौजूदगी को उनके सामाजिक जुड़ाव और युवाओं के बीच प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है। इस घटनाक्रम ने जिले के राजनीतिक गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है।

