पलामू के मनातू अंचल में पुराने जमीन के कागजात और राजस्व रिकॉर्ड को लेकर विवाद सामने आया है। डूमरी पंचायत के हल्का संख्या-11 के प्लॉट नंबर 84 समेत कई प्लॉट से जुड़े मामले में जमीन मालिकों ने रिकॉर्ड में छेड़छाड़ और गलत तरीके से जमाबंदी व ऑनलाइन रसीद जारी करने का आरोप लगाया है।
16 एकड़ से अधिक जमीन का मामला
बताया गया कि 16 एकड़ 59 डिसमिल जमीन में से कामेश्वर यादव ने 1966 में चूही महतो से जमीन खरीदी थी। चूही महतो की मृत्यु के बाद 1978 में उनके भतीजे शिवनाथ महतो से भी जमीन खरीदी गई। आरोप है कि इसी जमीन में से 9 एकड़ 27.999 डिसमिल नारो यादव के पिता चमरू यादव के नाम ऑनलाइन कर दी गई।
पुराने रिकॉर्ड और कब्जे पर सवाल
कामेश्वर यादव और बिगन यादव का दावा है कि जमीन का जोत-कोड और दखल-कब्जा उनके पास है। उनका कहना है कि 2016 तक जमीन की ऑफलाइन रसीद भी कटती रही। ऑनलाइन रसीद कटने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अंचलाधिकारी को आवेदन देकर जांच की मांग की।
जांच से पहले सत्यापन पर उठे सवाल
मामले में सवाल उठ रहा है कि ऑनलाइन रसीद जारी करने से पहले अमीन और राजस्व कर्मचारी की रिपोर्ट ली गई थी या नहीं। पुराने केवाला, खाता-प्लॉट और जमीनी स्थिति का मिलान किया गया था या नहीं, इसे लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
दोनों पक्षों को बुलाकर होगी जांच
मनातू अंचलाधिकारी मदन कुमार सुमन ने बताया कि 1 अक्टूबर को दोनों पक्षों को पूरे कागजात के साथ बुलाया गया है। मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। अब जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि जमीन के रिकॉर्ड में किसका दावा सही है।

