डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : बंगाल की खाड़ी में बने नए वेदर सिस्टम के असर से झारखंड में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर तेज होने जा रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कुछ चुनिंदा जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट भी घोषित किया गया है।
इन जिलों में रहेगा खास असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, रांची, रामगढ़, खूंटी, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा समेत कुल 11 जिलों में भारी बारिश के साथ-साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं, आगामी 11 सितंबर को विशेष तौर पर गढ़वा, पलामू, लातेहार और चतरा जिले में भारी बारिश का अनुमान है।
क्यों सक्रिय हुआ नया सिस्टम?
रांची स्थित मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जो समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके प्रभाव से क्षेत्र में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसके कारण झारखंड के मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
तापमान में आएगी गिरावट और मानसून का हाल
बारिश के इस दौर के चलते अगले तीन दिनों के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है, हालांकि इसके बाद के दो दिनों में तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
दूसरी ओर, राज्य में मानसूनी बारिश के अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 जून से अब तक कुल 840.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत (873.8 मिमी) से करीब 4% कम है। हालांकि, राजधानी रांची में स्थिति बेहतर है जहां सामान्य से 13% अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, जबकि पाकुड़, चतरा और देवघर जैसे जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश का अंतर बना हुआ है।
खराब मौसम और वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए मौसम विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे गर्जना के समय पेड़ों के नीचे शरण न लें, खेतों में काम करने से बचें और जलभराव वाले तथा कच्चे मकानों के आसपास जाने से परहेज करें।

