सुवर्णरेखा नदी में अवैध बालू खनन ने बदला हाथियों का रास्ता, कोल्हान में मचाया तांडव, एक की मौत, महिला गंभीर

Manju
By Manju
3 Min Read

डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में इन दिनों इंसानों और हाथियों के बीच का संघर्ष खूनी मोड़ ले चुका है। मंगलवार की रात सराइकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में हाथियों के हमले में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक महिला मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल है। इस तबाही के पीछे ग्रामीण सीधे तौर पर तिरुलडीह क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी के किनारे चल रहे बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
​ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध खनन के कारण हाथियों के प्राकृतिक रास्ते बाधित हो गए हैं, जिससे बौखलाए गजराज अब रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं।

रात के अंधेरे में हाथियों का हमला: कहीं गई जान, कहीं ढहा मकान
​पहली भयावह घटना पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड से सामने आई है। यहां के पात्थरबासा गांव (कोकलोटाला) के रहने वाले 48 वर्षीय दिलेश्वर जातराराम मंगलवार रात करीब दो बजे लघुशंका के लिए घर से बाहर निकले थे। अंधेरे का फायदा उठाकर घर के पास ही घात लगाए खड़े एक दंतैल हाथी ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वहीं दूसरी घटना सराइकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड के मौसाढ़ा गांव की है। यहां हाथियों के एक झुंड ने धावा बोलते हुए एक गरीब के आशियाने की दीवार ढहा दी। हादसे के वक्त घर के अंदर सो रही एक महिला मलबे में दब गई। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद महिला को मलबे से बाहर निकाला और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया।

वन विभाग की सुस्ती और अवैध खनन पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
​घटना के बाद से ही दोनों जिलों के प्रभावित गांवों में भारी दहशत और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर समय रहते उचित कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को हाथियों की मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। सबसे बड़ा सवाल सुवर्णरेखा नदी के तटीय इलाकों में धड़ल्ले से चल रहे अवैध रेत खनन पर उठ रहा है, जिसने पर्यावरण के संतुलन को बिगाड़कर हाथियों को बस्तियों में घुसने पर मजबूर कर दिया।

आश्रितों को मिलेंगे कुल 10 लाख रुपए
​मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनपाल अभय कुमार ने बताया कि राज्य सरकार की नई नीति के तहत प्रभावित परिवार को पूरा सहयोग दिया जाएगा। मृतक के परिजनों को तत्काल राहत के रूप में 1 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। इसके बाद, कागजी प्रक्रिया पूरी होते ही 9 लाख रुपए की अतिरिक्त अनुग्रह राशि भी मृतक के आश्रितों को सौंप दी जाएगी।

Share This Article