डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर में दुर्गा पूजा का उत्साह चरम पर है। शहर के छोटे-बड़े लगभग 500 पूजा पांडालों में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। देर रात तक सड़कों पर लोगों का हुजूम देखने को मिल रहा है, जिससे पूरा शहर मानो एक विशाल मेले में तब्दील हो गया है। सप्तमी, अष्टमी और नवमी के मुख्य दिनों से पहले ही शुरू हुई यह ‘पंडाल-हॉपिंग’ की परंपरा इस साल भी पूरी भव्यता के साथ जारी है।

आकर्षण का केंद्र बने भव्य और थीम-आधारित पांडाल
इस वर्ष जमशेदपुर के कई प्रमुख पूजा पांडाल अपनी अद्भुत थीम और भव्य सजावट के कारण भक्तों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं:
सोनारी वेस्ट: यहां तिरुपति बालाजी मंदिर के स्वरूप में 80 फीट ऊंचा पांडाल बनाया गया है, जिसे देखने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग रही हैं।
काशीडीह (ठाकुर प्यारा सिंह धुरंधर सिंह क्लब): इस प्रमुख पांडाल में इस बार राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम और राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया है, जिसने पंडाल घूमने वालों को मंत्रमुग्ध कर दिया है।

मलखान सिंह (प्रवीण सेवा संस्थान): यहां म्यांमार के स्वर्ण बुद्ध मंदिर पर आधारित आकर्षक पंडाल श्रद्धालुओं की भीड़ खींच रहा है।
एग्रिको और आदित्यपुर: इन क्षेत्रों के पांडाल भी अपनी अनोखी कलाकृतियों और लाइटिंग के लिए खासी भीड़ बटोर रहे हैं। भीड़ का आलम यह है कि सप्तमी, अष्टमी को इन प्रमुख पांडालों के पास पैर रखने की भी जगह नहीं मिल पाती है।



भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन मुस्तैद
दुर्गा पूजा में उमड़ रही इस भारी भीड़ को देखते हुए, जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
ट्रैफिक व्यवस्था: शहर के कई प्रमुख मार्गों को नो-एंट्री जोन घोषित किया गया है। साकची, बिष्टुपुर, सोनारी और कदमा जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों के लिए व्यापक ट्रैफिक डाइवर्जन लागू किया गया है। पंडाल घूमने वालों के वाहनों की पार्किंग के लिए निर्धारित स्थान (जैसे साकची के लिए एमजीएम अस्पताल ग्राउंड) बनाए गए हैं, ताकि मुख्य सड़कों पर जाम न लगे।
सुरक्षा: भीड़ पर निगरानी रखने और किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए ड्रोन निगरानी का इस्तेमाल किया जा रहा है। विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा के लिए शक्ति कमांडो दस्ते भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं।
स्वयंसेवकों की भूमिका: पूजा समितियों के स्वयंसेवक पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर भीड़ को नियंत्रित करने और भक्तों को सुचारू रूप से दर्शन कराने में सहयोग कर रहे हैं।
इस उत्साह भरे माहौल में, जमशेदपुर के लोग पारंपरिक भक्ति और आधुनिक कला का संगम देखते हुए अपने परिवार और दोस्तों के साथ त्योहार का पूरा आनंद ले रहे हैं।

