डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: भारतीय प्रशासनिक सेवा के 11 प्रशिक्षु अधिकारियों ने अपने दो दिवसीय ‘विंटर स्टडी टूर’ के समापन पर समाहरणालय में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उपायुक्त ने युवा अधिकारियों के साथ अपने प्रशासनिक अनुभव साझा किए और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन दिया।
प्रशासनिक चुनौतियों और नवाचार पर हुआ संवाद
मुलाकात के दौरान उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को जिले की प्रशासनिक संरचना से अवगत कराया।
इन बिंदुओं पर हुई चर्चा
औद्योगिक विकास: जमशेदपुर के औद्योगिक मॉडल और सार्वजनिक-निजी भागीदारी की सफलता।
क्षेत्रीय चुनौतियां: जनजातीय बहुल क्षेत्रों में प्रशासन के समक्ष आने वाली चुनौतियां और उनका समाधान।
जन कल्याण: सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और शासन में नवाचार का महत्व।
संसाधन प्रबंधन: सीमित संसाधनों के बेहतर उपयोग और सामाजिक समावेशन पर जोर।
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा ’फील्ड स्तर का प्रशासनिक अनुभव ही भविष्य में बेहतर नीति निर्माण की नींव बनता है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण अधिकारियों को जमीनी वास्तविकताओं और जनता की समस्याओं को करीब से समझने का अवसर देते हैं।’
भ्रमण दल में ये अधिकारी रहे शामिल
इस अवसर पर उपस्थित प्रशिक्षु अधिकारियों के दल में हरिप्रसाथ एम, सुशांत कुमार, शिवानी मोहन, सक्षम भाटिया, पाटिल कृष्णा बाबरुवान, कुमुद मिश्रा, फरखंदा कुरैशी, दिव्यांश मीणा, अभिषेक कुमार सिंह, गोवसिका पी.आर. व अंकित पांडेय शामिल थे।
प्रशिक्षुओं ने जताया आभार
सभी प्रशिक्षु अधिकारियों ने जिले में मिले सहयोग और मार्गदर्शन के लिए उपायुक्त का आभार जताया। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय दौरे के दौरान मिले अनुभव उनके प्रशासनिक प्रशिक्षण और आगामी करियर में अत्यंत उपयोगी साबित होंगे। यह सत्र युवा अधिकारियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि उन्हें फील्ड ड्यूटी के प्रति प्रेरित भी किया।

