स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर सख्त हुए परिवहन मंत्री
राज्य में स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने स्कूल वाहनों के संचालन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनवरी में चलेगा विशेष जांच अभियान
परिवहन मंत्री ने बताया कि नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जनवरी माह में सभी जिला परिवहन अधिकारियों द्वारा विशेष अभियान चलाकर स्कूल वाहनों की व्यापक जांच की जाएगी।
स्कूल वाहनों में ये सुरक्षा उपकरण अनिवार्य
दिशा-निर्देशों के अनुसार—
👉 प्रत्येक स्कूल वाहन में VLTD, पैनिक बटन और GPS सिस्टम अनिवार्य होगा।
👉 सभी स्कूल बसों में CCTV कैमरा लगाया जाएगा, जिसकी रिकॉर्डिंग कम से कम 60 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी।
👉 हालांकि 14 सीटर से कम क्षमता वाले वाहनों में CCTV अनिवार्य नहीं होगा।
गति सीमा और स्पीड गवर्नर अनिवार्य
सभी स्कूल वाहनों में स्पीड गवर्नर अनिवार्य रहेगा और अधिकतम गति सीमा 40 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
नियम तोड़ने वाले चालक नहीं चला सकेंगे स्कूल वाहन
निर्देशों के अनुसार—
👉लाल बत्ती उल्लंघन, लेन अनुशासन भंग या अनधिकृत व्यक्ति को वाहन चलाने देने जैसे मामलों में एक वर्ष में दो बार से अधिक दंडित चालक स्कूल वाहन नहीं चला सकेंगे।
👉तेज गति, खतरनाक ड्राइविंग या नशे में वाहन चलाने के मामले में एक बार भी दंडित चालक को स्कूल वाहन चलाने की अनुमति नहीं होगी।
👉IPC, CrPC या POCSO एक्ट के तहत दोषसिद्ध चालकों पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
चालकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य
चालकों की नियुक्ति से पहले स्थायी पता एवं निकटतम दो रिश्तेदारों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है। साथ ही चालक के पास भारी मोटर वाहन (यात्री) का वैध ड्राइविंग लाइसेंस और कम से कम एक वर्ष का अनुभव होना जरूरी होगा।
वाहनों में ये सुविधाएं भी जरूरी
सभी स्कूल बसों में—
👉प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स
👉अग्निशामक यंत्र
👉रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप
अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे।
इसके अलावा वाहन के सभी वैध दस्तावेज—पंजीकरण प्रमाण पत्र, थर्ड पार्टी बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट—अद्यतन होने चाहिए।
सख्ती से लागू होंगे निर्देश
परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा, ताकि राज्य के सभी स्कूली बच्चों को सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा मिल सके।

