उत्तरी भारत पर ठंड का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार, 12 जनवरी को भी उत्तर भारत के बड़े हिस्से भीषण शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में रहेंगे। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, कई राज्यों में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जबकि घना से बेहद घना कोहरा जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करेगा।
इन राज्यों में शीतलहर का अलर्ट
आईएमडी ने राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शीतलहर से लेकर भीषण शीतलहर की चेतावनी जारी की है। राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की उम्मीद बेहद कम है।
यूपी-बिहार में हालात गंभीर, यातायात पर असर
उत्तर प्रदेश और बिहार में घने से बहुत घने कोहरे की आशंका जताई गई है। कम दृश्यता के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। आईएमडी ने चेताया है कि ड्राइविंग के दौरान विशेष सतर्कता बरतें, क्योंकि कुछ इलाकों में पावर लाइन ट्रिपिंग जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
दक्षिण भारत में बारिश, समुद्र में तेज हवाएं
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं गल्फ ऑफ मन्नार और कोमोरिन क्षेत्र में 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों में 55 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसे देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर, आगे भी ठंड जारी रहने के संकेत
आईएमडी के मुताबिक, उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय पछुआ हवाएं और मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ मौसम को प्रभावित कर रहा है। 15 जनवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे आगे मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
दिल्ली में अगले तीन दिन और बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की और गिरावट हो सकती है। 12 जनवरी को कई इलाकों में, 13 जनवरी को कुछ स्थानों पर और 14 जनवरी को छिटपुट इलाकों में शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा, लेकिन रात में धुंध और सुबह हल्का से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है।
वैश्विक मौसम पैटर्न में भी बदलाव के संकेत
निजी मौसम एजेंसी स्काइमेट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर सक्रिय ला नीना स्थिति 2026 की शुरुआती वसंत ऋतु तक कमजोर पड़ सकती है। इसके बाद एल नीनो की वापसी के संकेत हैं, जिसका असर आने वाले मानसून और देश की वर्षा पर पड़ सकता है।
मौसम विभाग की सलाह
आईएमडी ने ठंड से प्रभावित इलाकों के लोगों को गर्म ऊनी कपड़े पहनने, सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। फिलहाल उत्तर भारत में ठंड और कोहरे का यह दौर जनजीवन की कड़ी परीक्षा लेता रहेगा।

