कांग्रेस पार्टी इन दिनों चुनावी प्रदर्शनों से निराश तो है, साथ ही संगठन के स्तर पर भी परेशान है। खासकर बिहार में चुनाव के बाद प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान और असंतोष की सुगबुगाहट तेज हो गई है। ऐसे में कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस के भीतर जान फूंकने की मुहिम का खुद नेतृत्व करने जा रहे है। राहुल गांधी का डैमेज कंट्रोल मिशन शुरू होने जा रहा है।

राहुल गांधी विधायकों के साथ करेंगे सीधा संवाद
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद चर्चा ये है कि अब पार्टी के सभी छह विधायक कांग्रेस में रहने के लिए तैयार नहीं है। पार्टी मे टूट की अटकलें तेज हो गई हैं। दिल्ली में एक अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इन सभी 6 विधायकों से सीधे बातचीत करेंगे।
खड़गे और राहुल गांधी बैठक में रहेंगे मौजूद
कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में शाम 4 बजे कांग्रेस ने ये अहम बैठक बुलाई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी इस बैठक में शामिल होंगे। बैठक में बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम और विधान परिषद में पार्टी के नेता मदन मोहन झा के अलावे बिहार से लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसद, सभी छह विधायक और तमाम विधान पार्षद मौजूद रहेंगे।
क्या है नाराजगी की वजह?
बिहार कांग्रेस के विधायकों का आरोप है कि उनकी बातों को न तो प्रदेश नेतृत्व गंभीरता से ले रहा है और न ही संगठनात्मक फैसलों में उनकी भूमिका तय की जा रही है। पार्टी के भीतर असंतोष के संकेत पिछले कई हफ्तों से दिख रहे थे। पटना के सदाकत आश्रम में आयोजित पारंपरिक ‘दही-चूड़ा’ समारोह में भी कोई विधायक शामिल नहीं हुआ। इसके अलावा 8 जनवरी को राज्य कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम द्वारा बुलाई गई ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान की बैठक में भी दो विधायक-सुरेंद्र प्रसाद और अभिषेक रंजन गैरहाजिर रहे।
सिर्फ 6 सीटें ही जीत सकी कांग्रेस
बता दें कि नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने जबरदस्त जीत दर्ज की थी। 243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए को कुल 202 सीटें मिलीं। इसमें बीजेपी को 89 और जेडीयू को 85 सीटें हासिल हुईं। वहीं विपक्षी महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया। जिसमें आरजेडी को 25 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने 61 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ 6 सीटें ही जीत पाई।

