डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट ने इस फरवरी अपनी उत्पादन क्षमता को ‘टॉप गियर’ में डालने का फैसला किया है। कंपनी ने इस महीने 11,500 से 12,000 वाहनों के निर्माण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि मंदी की आहटों के बीच स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए एक ‘बूस्टर शॉट’ की तरह है।
क्यों खास है यह उत्पादन वृद्धि?
टाटा मोटर्स के इस फैसले का सीधा और सबसे सकारात्मक असर आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की सहायक इकाइयों पर पड़ेगा। यहां की सैकड़ों छोटी कंपनियां पूरी तरह से टाटा मोटर्स के वर्क ऑर्डर पर निर्भर हैं। उत्पादन बढ़ने का मतलब है-ज्यादा काम। इससे न केवल मौजूदा कामगारों का ओवरटाइम और काम सुनिश्चित होगा, बल्कि वेंडर कंपनियों में भी सक्रियता बढ़ेगी। जानकारों का मानना है कि अगर उत्पादन का ग्राफ इसी तरह ऊपर जाता रहा, तो आने वाले महीनों में पूरे इंडस्ट्रियल बेल्ट की अर्थव्यवस्था में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा।

