आसनसोल। पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद पश्चिम बर्दवान जिला प्रशासन पहली बार खुलकर सामने आया और साफ संदेश दिया—कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उच्चस्तरीय पत्रकार वार्ता में प्रशासन और पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने एक सुर में कहा कि जिले में शांति बनाए रखना अब सर्वोच्च प्राथमिकता है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बड़ी बैठक
इस अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय बल के अधिकारी सुनील कुमार सिंह, जिला शासक एस. पन्ना बलम और आसनसोल-दुर्गापुर के पुलिस कमिश्नर प्रणव कुमार मौजूद रहे। बैठक को जिले की सुरक्षा रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
“चुनाव शांतिपूर्ण, लेकिन अब कोई ढील नहीं”
अधिकारियों ने बताया कि पूरे जिले में चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और कहीं से बड़ी हिंसा की सूचना नहीं मिली। हालांकि, चुनाव के बाद माहौल बिगाड़ने की कोशिशों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। स्पष्ट चेतावनी दी गई कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
केंद्रीय बल मुस्तैद, सुरक्षा कड़ी
केंद्रीय बल के अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि क्षेत्र में फोर्स पूरी तरह सक्रिय है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कानून अपने हाथ में न लें और प्रशासन का सहयोग करें। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया गया है।
जिला प्रशासन की जनता से अपील
जिला शासक एस. पन्ना बलम ने शांतिपूर्ण चुनाव के लिए जनता का आभार जताया और सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने की अपील की। साथ ही सभी एडीएम, एसडीओ और बीडीओ को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
200 से ज्यादा गिरफ्तार, पुलिस का एक्शन मोड
पुलिस कमिश्नर प्रणव कुमार ने जानकारी दी कि अब तक करीब 200 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबरन कब्जा, तोड़फोड़ और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। हर संदिग्ध गतिविधि पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है।
अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्ती
प्रशासन ने साफ किया कि किसी भी राजनीतिक या धार्मिक स्थल को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। सभी समुदायों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सिर्फ बयान नहीं, सख्त मंशा का संकेत
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सख्त मंशा का स्पष्ट संकेत है। पश्चिम बर्दवान प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और हर हाल में शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
अब नजर इस बात पर होगी कि जनता प्रशासन की इस अपील का कितना पालन करती है और जिले में शांति व्यवस्था को बनाए रखने में किस तरह सहयोग देती है।

