डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: कहते हैं कि सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बस इरादों में जान होनी चाहिए। इस बात को सच कर दिखाया है पश्चिमी सिंहभूम की बेटी प्रियांशी खत्री ने। इंटरमीडिएट कॉमर्स की परीक्षा में प्रियांशी ने 471 अंक लाकर न केवल जिले का नाम रोशन किया, बल्कि पूरे राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है।
पिता चलाते हैं कॉस्मेटिक दुकान, बेटी बनेगी CA
संत जेवियर गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्रा प्रियांशी एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आती हैं। उनके पिता संदीप खत्री शहर में एक छोटी सी कॉस्मेटिक की दुकान चलाते हैं और मां उषा देवी गृहिणी हैं। प्रियांशी की इस सफलता ने साबित कर दिया कि एक छोटे शहर की तंग गलियों से भी ऊंचे सपनों की उड़ान भरी जा सकती है। अब प्रियांशी का अगला लक्ष्य चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देना है।
क्या है प्रियांशी का ‘मैजिकल’ सक्सेस मंत्र?
प्रियांशी की सफलता के पीछे कोई गुप्त राज नहीं, बल्कि उनकी अनुशासित दिनचर्या है। उन्होंने अपनी रणनीति साझा करते हुए बताया कि वह रोजाना 4-5 घंटे पढ़ाई करती थी, लेकिन उनका सबसे ज्यादा जोर रिवीजन पर था। वह दिन भर में जो भी पढ़ती थी, उसका चार बार रिवीजन जरूर करती थी। एग्जाम के समय उन्होंने अपनी पढ़ाई का समय बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया था। कठिन विषयों को समझने के लिए उन्होंने कोचिंग के साथ-साथ सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का सकारात्मक इस्तेमाल किया। पढ़ाई के बीच जब भी तनाव होता, तो वह पेंटिंग और सिंगिंग के जरिए खुद को रिफ्रेश करती थी।
मार्क्स शीट पर एक नजर
गणित 99
बिजनेस स्टडीज 97
अकाउंटेंसी 94
इकोनॉमिक्स 91
अंग्रेजी 90
प्रियांशी खत्री का कहना है एकाग्रता और नियमितता ही सफलता की असली चाबी है। बिना मेहनत के कोई शॉर्टकट नहीं होता।
भावुक हुए पिता: बेटी को पढ़ाई से रोकना पड़ता था
प्रियांशी की उपलब्धि पर उनके पिता संदीप खत्री भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि प्रियांशी बचपन से ही पढ़ाई को लेकर इतनी गंभीर थी कि कई बार हमें उसे जबरदस्ती किताब बंद करने और आराम करने के लिए कहना पड़ता था। आज उसकी उसी लगन ने पूरे परिवार को गर्व करने का मौका दिया है।

