संसद में शुरू हुआ ‘किताबी संग्राम’ अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सेना प्रमुख रह चुके एमएम नरवणे की किताब का जिक्र कर बीजेपी पर हमला करने के बाद मामला और गरमा गया।
इसके जवाब में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे लोकसभा में गांधी परिवार पर लिखी गई किताबें लेकर पहुंचे, जिनमें कुछ आपत्तिजनक बातें भी बताई जा रही हैं। दुबे के इस कदम से सदन में हंगामा शुरू हो गया, जो थमता नजर नहीं आ रहा है।
अब निशिकांत दुबे ने कांग्रेस को घेरने के लिए सोशल मीडिया पर एक नया पोस्ट साझा किया है। इस पोस्ट में उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के एक पत्र को शेयर करते हुए लिखा—
“कुछ कहूंगा तो बवाल हो जाएगा… कांग्रेस की लंका में आग लग जाएगी? नेहरू-गांधी परिवार जानी दुश्मन हो जाएगा?”
नेहरू का 1961 का पत्र शेयर
बीजेपी सांसद के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू ने 30 जनवरी 1961 को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने लिखा—
👉उन्हें करिअप्पा के 26 और 27 जनवरी के दो पत्र मिले
👉एडविना माउंटबेटन मेमोरियल फंड के लिए किसी शो या डांस प्रोग्राम के आयोजन की बात
👉लेकिन संसद सत्र और बजट सेशन के कारण बैंगलोर न जा पाने की मजबूरी
नेहरू ने पत्र में यह भी लिखा कि संसद का बजट सत्र मई तक चलेगा और मार्च में कॉमनवेल्थ प्रधानमंत्रियों की बैठक के लिए उन्हें लंदन जाना होगा।
इसके अलावा उन्होंने AIR द्वारा रानी से जुड़ी खबरों को प्रमुखता देने का भी जिक्र किया।
राजनीति में बढ़ा विवाद
इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद के अंदर और बाहर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस और बीजेपी के बीच यह ‘किताबी संग्राम’ अब एक बड़े विवाद का रूप लेता जा रहा है।

