डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : गोलमुरी थाना क्षेत्र में बुधवार को हुई फल व्यवसायी कन्हैया यादव की हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। ताज्जुब की बात यह है कि यह वारदात गोलमुरी थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित टिनप्लेट मैदान में अंजाम दी गई थी। अब पुलिस ने इस मामले में न केवल गिरफ्तारी की है, बल्कि हत्या के पीछे की मुख्य वजह का भी खुलासा कर दिया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
पुलिस ने इस मामले में नामजद और संलिप्त चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सभी गोलमुरी थाना क्षेत्र के ही निवासी हैं। सुमित कुमार सिंह (नामदा बस्ती), गुरप्रीत सिंह उर्फ राज उर्फ लोले (नामदा बस्ती, आनंद नगर), अमरीक सिंह उर्फ विक्की उर्फ खेबड़ा (ओल्ड केबुल टाउन), रजा आलम (सबीना कॉलोनी)
बरामदगी और सबूत
एसएसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर घातक हथियार बरामद किए हैं। 2 देशी कन्ट्रीमेड पिस्टल, 07 खोखे, 3 जिंदा बुलेट/पिलेट।
क्या थी हत्या की असली वजह?
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि पुरानी रंजिश का खूनी अंजाम था। करीब चार महीने पहले कन्हैया यादव और मुख्य आरोपी सुमित कुमार सिंह के बेटे के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी रंजिश को मन में पाले हुए आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से कन्हैया यादव पर हमला किया। कन्हैया को गंभीर हालत में टाटा मेन हॉस्पिटल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
अपराधिक इतिहास और आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों का पहले से ही आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। गुरप्रीत सिंह पर टेल्को और बर्मामाइंस थाने में लूट जैसे मामले दर्ज हैं। अमरीक सिंह साल 2022 में हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले में नामजद रह चुका है। सुमित कुमार सिंह के खिलाफ भी पूर्व में मामले दर्ज हैं।
पुलिस का अगला कदम: मृतक की पत्नी कुसुम देवी द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर पुलिस इस मामले के दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

