बिहार सरकार ने राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त रुख अपनाया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राज्य में संदिग्ध राशन कार्डों की जांच प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया है।
31 मार्च तक ई-केवाईसी पूरा करने का निर्देश
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के विशेष सचिव उपेंद्र कुमार ने निर्देश दिया है कि राज्य के सभी राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक हर हाल में पूरी कर ली जाए। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 82 प्रतिशत लाभुकों का ई-केवाईसी कार्य संपन्न हो चुका है। शेष 18 प्रतिशत लाभुकों को चेतावनी दी गई है कि यदि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो उन्हें भविष्य में राशन प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।
फर्जी राशन कार्डों को खत्म करने का लक्ष्य
विभाग के विशेष सचिव उपेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य इसके जरिए ‘बोगस’ या फर्जी राशन कार्डों को सिस्टम से बाहर करना है। इसके साथ ही वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ सुनिश्चित होगा।
पीडीएस सिस्टम को नियमित बनाने पर जोर
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पीडीएस प्रकाश ऐप के माध्यम से नियमित निरीक्षण करने पर बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐप के जरिए दुकानों की मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाए। विभाग का उद्देश्य है कि जन वितरण प्रणाली में किसी प्रकार की अनियमितता न रहे और पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे।

