डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर शनिवार को जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज में विज्ञान की धूम रही। कॉलेज परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच और नवाचार का शानदार प्रदर्शन किया।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ आगाज़
कार्यक्रम का उद्घाटन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजीव कुमार और आमंत्रित अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. राजीव कुमार ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए ‘वैज्ञानिक दृष्टिकोण’ ही मुख्य आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से शोध और वैज्ञानिक चिंतन की दिशा में सक्रिय होने का आह्वान किया।
विशेष व्याख्यान: विज्ञान में आधी आबादी का दम
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, ग्रेजुएट कॉलेज की पूर्व प्राचार्य डॉ. धंजल ने विज्ञान को तर्क और प्रमाण पर आधारित जीवन-पद्धति बताया। वहीं, भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार गोराई ने ‘विज्ञान जगत में नारी शक्ति का योगदान’ विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने ऐतिहासिक और समकालीन महिला वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए छात्रों को प्रेरित किया। इसके साथ ही डॉ. विद्या राज डीजे ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर विस्तार से चर्चा की।
प्रदर्शनी में दिखे भविष्य के वैज्ञानिक
विद्यार्थियों ने विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों पर आधारित वर्किंग मॉडल और आकर्षक पोस्टर प्रदर्शित किए। प्रदर्शनी में मुख्य रूप से ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक सिद्धांतों के व्यावहारिक अनुप्रयोग इन मॉडल्स का मूल्यांकन निर्णायक के रूप में रसायन विज्ञान की प्रोफेसर डॉ. सुमन कुमारी और डॉ. विद्याराज डीजे ने किया।
विज्ञान के बाद बिखरे होली के रंग
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. पुष्पा सालो लिंडा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। खास बात यह रही कि विज्ञान दिवस के सफल आयोजन के बाद महाविद्यालय में ‘होली मिलन समारोह’ भी मनाया गया। शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी और आपसी सौहार्द का संदेश दिया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में पूर्व प्राचार्य डॉ. डीपी शुक्ला, डॉ. एके मेहता, डॉ. नरेश कुमार, डॉ. एसएन ठाकुर समेत कई सेवानिवृत्त प्राध्यापक और कॉलेज के शिक्षक-छात्र बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. कुमारी प्रियंका ने किया।

