डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : जिले के मंझारी थाना क्षेत्र (तांतनगर ओपी) के खेड़ियाटांगर गांव से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक पिता, जो कल तक अपनी पांच संतानों का पालन-पोषण कर रहा था, अचानक शनिवार रात ‘हैवान’ बन गया। उसने अपनी ही 6 साल की सोती हुई मासूम बेटी, सोनिया पूर्ति, पर डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। परिजनों और ग्रामीणों की मानें तो इस खूनी खेल के पीछे कोई पुरानी रंजिश नहीं, बल्कि आरोपी पिता की पिछले कुछ दिनों से बिगड़ी दिमागी हालत और रहस्यमयी व्यवहार था।
क्या मानसिक संतुलन खो बैठा था पिता?
मृतक बच्ची की मां और स्थानीय मुखिया मंगल सिंह पूर्ति से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी लालसिंह पूर्ति पिछले 3-4 दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था। उसने ठीक से खाना-पीना भी छोड़ दिया था और दवाइयां भी नहीं ले रहा था।
मां का रो-रोकर बुरा हाल था, उसने बताया कि वह दो-तीन दिनों से खुद से ही बातें कर रहा था। शनिवार रात खाना खाने के बाद उसने उल्टी की और अचानक उसका व्यवहार पूरी तरह बदल गया। वह किसी हिंसक साए की तरह बर्ताव करने लगा।
आधी रात को तांडव: बेटी की हत्या के बाद पूरे गांव को दौड़ाया
शनिवार रात करीब 8 बजे जब 6 वर्षीय सोनिया गहरी नींद में सो रही थी, तब लालसिंह ने अचानक भारी डंडा उठाया और उस पर हमला कर दिया। जब पत्नी बीच-बचाव करने आई, तो आरोपी ने उसे भी जान से मारने की कोशिश की। घर में कोहराम मचाने के बाद लालसिंह डंडा लेकर सड़क पर निकल आया और ग्रामीणों के पीछे दौड़ने लगा। स्थिति बेकाबू होते देख ग्रामीणों ने एकजुट होकर उसे घेरा और किसी तरह काबू पाकर एक पेड़ से बांध दिया। परिजन आनन-फानन में लहूलुहान सोनिया को लेकर सदर अस्पताल चाईबासा पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया। सोनिया अपने पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी और सबकी लाडली थी। उसकी इस तरह बेरहमी से हुई मौत के बाद पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस तफ्तीश में जुटी: क्या था असली कारण?
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने पेड़ से बंधे आरोपी लालसिंह पूर्ति को हिरासत में ले लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह मामला बीमारी के कारण अचानक उपजे किसी गंभीर मानसिक उन्माद या सनक का लग रहा है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपी की मानसिक स्थिति और वास्तविक कारणों का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा।

