डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : झारखंड के जमशेदपुर स्थित दलमा वन्यजीव अभयारण्य अब सिर्फ हाथियों के लिए ही नहीं, बल्कि रंग-बिरंगे पक्षियों के कलरव के लिए भी पहचाना जाएगा। आज से यहां तीन दिवसीय ‘सेकंड बर्ड फेस्टिवल’ की शानदार शुरुआत हो गई है। 11 मार्च तक चलने वाले इस महोत्सव का उद्देश्य प्रकृति और पक्षियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
इस फेस्टिवल की 5 बड़ी बातें
तारीख और आयोजन: यह उत्सव 11 मार्च तक चलेगा।
उद्देश्य: वन विभाग द्वारा आयोजित इस इवेंट का मुख्य लक्ष्य दुर्लभ पक्षियों का संरक्षण और उनकी पहचान को बढ़ावा देना है।
भारी उत्साह: अब तक देशभर के 100 से अधिक पक्षी प्रेमियों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है।
विशेषज्ञों का जमावड़ा: उत्सव में देश के जाने-माने पक्षी विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं, जो प्रतिभागियों के साथ अपना अनुभव साझा करेंगे।
झारखंड में पहली पहल: पीसीएफ वाइल्डलाइफ राजीव रंजन सिंह के अनुसार, दलमा झारखंड का ऐसा पहला जंगल है, जहां इस तरह के विशेष बर्ड फेस्टिवल का आयोजन कर एक नई मिसाल पेश की गई है।
हाथियों के गढ़ में अब पक्षियों का ‘स्वर्ग’
दलमा अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए मशहूर है। हालांकि लोग इसे ‘एलिफेंट कॉरिडोर’ के रूप में जानते हैं, लेकिन वन विभाग अब यहां की सैकड़ों दुर्लभ पक्षी प्रजातियों को दुनिया के सामने लाना चाहता है। इस फेस्टिवल के माध्यम से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाने का प्रयास किया जा रहा है।
क्यों खास है यह महोत्सव?
यह केवल एक सैर-सपाटा नहीं, बल्कि सीखने का एक बेहतरीन मंच है। यहां आने वाले लोग फोटोग्राफी, बर्ड वाचिंग और संरक्षण के गुर सीखेंगे। अगर आप भी प्रकृति प्रेमी हैं, तो अगले दो दिनों तक दलमा की वादियों में पक्षियों की चहचहाहट का आनंद ले सकते हैं।

