टाटा मुख्य अस्पताल का बड़ा फैसला: AI घटाएगा डिस्चार्ज का समय, ओपीडी स्लॉट बुक कर गायब रहने वालों पर लगेगा जुर्माना

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क/जमशेदपुर: जमशेदपुर के टाटा मुख्य अस्पताल को मरीजों के लिए अधिक सुलभ और हाई-टेक बनाने की कवायद शुरू हो गई है। अब अस्पताल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से मरीज चुटकियों में डिस्चार्ज हो सकेंगे, वहीं ओपीडी स्लॉट बुक करके न आने वाले लापरवाह मरीजों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। टाटा स्टील द्वारा संचालित शहर के प्रतिष्ठित टाटा मुख्य अस्पताल की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए हॉस्पिटल एडवाइजरी कमेटी की एक अहम बैठक हुई, जिसमें मरीजों के हित में कई बड़े फैसले लिए गए।

AI से 90 मिनट का काम सिर्फ 30 मिनट में
​अस्पताल प्रबंधन अब तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने जा रहा है। अस्पताल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लागू कर डिस्चार्ज की प्रक्रिया में लगने वाले समय को भारी कटौती दी जाएगी। वर्तमान में मरीजों को डिस्चार्ज के समय दवाइयां मिलने और कागजी कार्रवाई पूरी होने में करीब 90 मिनट का समय लग जाता है। नई तकनीक के आने से यह समय घटकर मात्र 30 मिनट रह जाएगा।

ओपीडी स्लॉट बुक कर नहीं आने पर लगेगा जुर्माना
​अस्पताल में अक्सर देखा जाता है कि लोग ओपीडी के लिए ऑनलाइन या काउंटर से स्लॉट तो बुक कर लेते हैं, लेकिन डॉक्टर को दिखाने नहीं आते। इससे दूसरे जरूरतमंद मरीजों को समय पर डॉक्टर की अपॉइंटमेंट नहीं मिल पाती। नए नियम के मुताबिक अगर कोई मरीज ओपीडी स्लॉट बुक कराने के बाद तय दिन सुबह 7 बजे तक उसे कैंसिल नहीं करता है और अस्पताल भी नहीं आता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई व्यक्ति महीने में तीन बार से ज्यादा ऐसा करता है, तो उस पर आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा। खास बात यह है कि टाटा कंपनी के वर्तमान और सेवानिवृत्त अधिकारी व कर्मचारी भी इस नियम के दायरे में आएंगे।

बैठक की अन्य बड़ी बातें और अहम बदलाव
दवाइयों की होम डिलीवरी: अगर टीएमएच अस्पताल या उसकी किसी भी डिस्पेंसरी में मरीज को डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा नहीं मिलती है, तो प्रबंधन उसकी होम डिलीवरी सुनिश्चित कराएगा।
सीसीयू वेटिंग हॉल में AC: क्रिटिकल केयर यूनिट के बाहर बने वेटिंग हॉल में तीमारदारों की सहूलियत के लिए जल्द ही एयर कंडीशनर लगाया जाएगा।
पार्किंग की नई व्यवस्था: अस्पताल परिसर में जाम और अव्यवस्था से निपटने के लिए पार्किंग मैनेजमेंट की एक पूरी नई रूपरेखा तैयार की जा रही है।
सुविधाओं का अपग्रेडेशन: टीएमएच में इलेक्ट्रिकल पावर और सेफ्टी को पूरी तरह अपग्रेड कर उसका सेफ्टी ऑडिट कराया गया है। साथ ही नेफ्रोलॉजी विभाग में नए विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति भी की गई है।

बैठक में कौन रहा मौजूद?
इस उच्चस्तरीय बैठक में टाटा स्टील के वीपी (सीएसआर) चाणक्य चौधरी, टाटा वर्कर्स यूनियन के महासचिव सतीश कुमार सिंह, टीयूजीएस के चेयरमैन डॉ. निशित सिंह, डॉ. सुधीर, न्यूरो विभाग के हेड, चीफ डिस्पेंसरी और कमेटी मेंबर सरोज कुमार सिंह, मनोज मिश्रा, संजय कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सा विशेषज्ञ उपस्थित थे।

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