आरजेडी नेता शिवचंद्र राम का इस्तीफा नामंजूर, पार्टी ने बताया-पुराने और समर्पित नेता

Neelam
By Neelam
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बिहार विधान परिषद चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा करने वाले वरिष्ठ नेता शिवचंद्र राम का इस्तीफा पार्टी ने नामंजूर कर दिया है।

वरिष्ठ नेताओं के मनाने पर माने शिवचंद्र

राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि शिवचंद्र राम का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि इस्तीफे की घोषणा के बाद पार्टी के मुख्य सचेतक कुमार सर्वजीत सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने शिवचंद्र राम से बातचीत की और उन्हें मनाने का प्रयास किया। नेताओं की पहल के बाद उन्होंने अपनी नाराजगी दूर की और पार्टी में बने रहने पर सहमति जताई।

राजद में उनके अनुभव और समर्पण का महत्व- शक्ति सिंह

शक्ति सिंह यादव ने कहा कि शिवचंद्र राम राजद के पुराने और समर्पित सिपाही हैं। सामाजिक न्याय की विचारधारा के प्रति उनकी गहरी आस्था रही है और पार्टी उनके योगदान का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि राजद नेतृत्व उनके अनुभव और समर्पण को महत्व देता है।

प्रेस कांफ्रेंस में फूट-फूटकर रोए थे

एक दिन पहले शिवचंद्र राम ने पार्टी के सभी पदों से इस्‍तीफे का एलान किया था। शिवचंद्र राम ने एससी, एसटी की उपेक्षा और सम्मान नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए पार्टी के अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था।विधान परिषद चुनाव में टिकट नहीं म‍िलने से वे आहत थे। प्रेस कांफ्रेंस में वे फूट-फूटकर रोने लगे थे।

मान-सम्‍मान नहीं मि‍लने का लगाया था आरोप

शिवचंद्र राम ने उपेक्षा और मान-सम्‍मान नहीं मि‍लने का आरोप लगाया था। अपने साथ नाइंसाफी होने की बात भी कही थी। शिवचंद्र राम ने कहा था कि वह साल 1990 से आरजेडी के साथ जुड़े हुए हैं और पार्टी के हर फैसले तथा नेतृत्व के निर्देशों का हमेशा पालन किया है। उन्होंने कहा था कि उन्होंने पूरी निष्ठा से पार्टी की सेवा की, लेकिन हाल के दिनों में जो परिस्थितियां बनीं, उससे वह बेहद आहत हैं। साथ ही कहा था कि- ‘ऐसी जिंदगी भगवान करे कभी किसी को…’ और रो पड़े थे।

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