देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस की कमी को लेकर फैल रही खबरों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। सरकार के अनुसार देश में सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और बुकिंग करने के बाद उपभोक्ताओं को लगभग ढाई दिन के भीतर डिलीवरी मिल रही है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने कहा कि एलपीजी की सप्लाई को लेकर किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि देशभर में गैस की उपलब्धता पर्याप्त है और उपभोक्ताओं को तय समय में सिलेंडर मिल रहा है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों के कारण अतिरिक्त सिलेंडर बुक कर जमा करने से बचें।
दरअसल हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz के आसपास व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने की खबरों के बाद एलपीजी की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी। Israel, Iran और United States के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए कई जगहों पर लोगों ने गैस एजेंसियों पर पहुंचकर सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारें लगा दी थीं।
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की लागत बढ़ने के बावजूद इसका अतिरिक्त बोझ सरकार ने काफी हद तक खुद उठाया है। यही वजह है कि भारत में रसोई गैस की कीमत कई पड़ोसी देशों की तुलना में अभी भी कम है।
ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए भारत ने कच्चे तेल के आयात के स्रोत भी बढ़ाए हैं। अब देश लगभग 40 अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है। पहले भारत के तेल आयात का करीब 55 प्रतिशत हिस्सा Strait of Hormuz से इतर मार्गों से आता था, जो अब बढ़कर लगभग 75 प्रतिशत हो गया है। इससे किसी एक मार्ग पर निर्भरता कम हुई है और आपूर्ति बाधित होने का खतरा भी घटा है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से जुड़ा 25 दिनों का मौजूदा नियम पहले की तरह ही लागू रहेगा।

