डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : पश्चिम बंगाल में लगातार चौथी बार सत्ता का शिखर छूने के लिए तृणमूल कांग्रेस ने अपनी चुनावी बिसात बिछा दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए इस बार बदलाव का कड़ा संदेश दिया है। पार्टी ने साफ़ कर दिया है कि चुनाव जीतने के लिए अब केवल फिल्मी चेहरों का सहारा नहीं, बल्कि बूथ स्तर पर पकड़ रखने वाले जमीनी योद्धा ही असली ढाल बनेंगे।
एंटी-इनकंबेंसी पर प्रहार: 74 पुराने चेहरों की विदाई
सत्ता विरोधी लहर को मात देने के लिए ममता बनर्जी ने कड़ा फैसला लेते हुए 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं। 2021 के चुनाव में जीत दर्ज करने वाले कई दिग्गजों को इस बार सूची से बाहर रखा गया है। पार्टी ने कुल 291 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, जिनमें से 135 पुराने विधायकों पर फिर से भरोसा जताया गया है। 15 विधायकों की सीटें बदल दी गई हैं। 74 विधायकों को घर बैठा दिया गया है।
ग्लैमर से ज्यादा संगठन को तरजीह
तृणमूल की इस सूची की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस बार ‘सेलेब्रिटी फैक्टर’ पर लगाम लगाई गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नेतृत्व का पूरा ध्यान उन चेहरों पर है जो बूथ मैनेजमेंट में माहिर हैं और मतदाताओं को सीधे गोलबंद करने की क्षमता रखते हैं। हालांकि सूची में विविधता लाने के लिए पेशेवरों और खिलाड़ियों को जगह मिली है, लेकिन प्राथमिकता संगठनात्मक मजबूती को दी गई है।
मैदान में नए और पुराने दिग्गज
खेल जगत: एशियाई खेलों की गोल्ड मेडलिस्ट स्वप्ना बर्मन राजगंज से और पूर्व क्रिकेटर शिव शंकर पाल तूफानगंज से चुनावी पारी शुरू करेंगे।
राजनीतिक चेहरे: पार्टी के फायरब्रांड प्रवक्ता कुणाल घोष बेलियाघाटा से अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, जबकि अभिनेता सोहम चक्रवर्ती तेहट्टा से मैदान में होंगे।
विरासत और नए चेहरे: दिवंगत नेता साधन पांडेय की बेटी श्रेया पांडे (मानिकतला) और सांसद कल्याण बनर्जी के बेटे सिर्सन बनर्जी (उत्तरपाड़ा) के रूप में नए चेहरों को मौका दिया गया है।
इन दिग्गजों के कटे टिकट
टिकट कटने वालों में सबसे बड़ा नाम शिक्षक भर्ती घोटाले में फंसे पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी का है। उनके अलावा बारासात से अभिनेता चिरंजीत चक्रवर्ती और बेलियाघाटा के कद्दावर नेता परेश पाल को भी इस बार मौका नहीं मिला है।

