15 हजार भक्तों ने चखा महाप्रसाद, भक्ति के साथ ‘पर्यावरण संरक्षण’ की मिसाल बना श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ

Manju
By Manju
3 Min Read

डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : गोलमुरी क्षेत्र के न्यू केबल टाउन में आयोजित नौ दिवसीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का वैदिक विधि-विधान और विशाल भंडारे के साथ समापन हो गया। ब्रह्मर्षि गुरुदेव श्री श्री 108 जय मंगला बाबा के सानिध्य में संपन्न हुए इस अनुष्ठान ने न केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन किया, बल्कि सामाजिक समरसता और पर्यावरण प्रेम की भी एक अनूठी मिसाल पेश की।

15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद
​महायज्ञ की पूर्णाहूति के बाद आयोजित महाभंडारे में जनसैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर 2 बजे से इस भंडारे में लगभग 15,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने पूरी, सब्जी, खीर, चटनी, पुलाव और दाल का महाभोग ग्रहण किया। आयोजन समिति ने भीड़ को देखते हुए प्रसाद वितरण के लिए 10 काउंटर और पेयजल के लिए 5 अलग काउंटर बनाए थे, जिससे व्यवस्था सुचारू बनी रही।

धर्म के साथ ‘ईको-फ्रेंडली’ पहल
​इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि समिति ने पर्यावरण संरक्षण का पूरा ध्यान रखा। महाभंडारे के दौरान प्लास्टिक के बजाय कागज की प्लेट और ग्लास का उपयोग किया गया। ​स्वयंसेवकों ने सुनिश्चित किया कि परिसर में गंदगी न फैले। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी।

Advertisement

बनारस के आचार्यो ने संपन्न कराया अनुष्ठान
​यज्ञ का आध्यात्मिक पक्ष भी अत्यंत भव्य रहा। बनारस से पधारे यज्ञाचार्य पंडित लाल मोहन शास्त्री के नेतृत्व में 21 सदस्यीय आचार्यो की टोली ने पंचकुंडी यज्ञशाला में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न कराया। शाम को स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बनाए रखा।

समिति के सदस्यों का हुआ सम्मान
​शनिवार को रामार्चा पूजन के बाद सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले समिति के सदस्यों को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 9 दिनों तक श्रद्धालुओं के चेहरों पर जो संतुष्टि और आस्था दिखी, वही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है। महाभंडारे की बड़ी जिम्मेदारी को केबल वासियों के सहयोग से हमने सफलतापूर्वक निभाया।

आयोजन की रीढ़ बने ये सदस्य
​इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर के साथ शिवशंकर सिंह, बिपिन झा, बिट्टू तिवारी, जम्मू वाले बाबा, नीरज सिंह, शैलेश पांडेय और आयोजन समिति के दर्जनों कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।

Share This Article