डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: उत्तराखंड के देहरादून में हुए हाई-प्रोफाइल विक्रम शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने फरार चल रहे छह मुख्य आरोपियों पर शिकंजा कसना तेज कर दिया है। देहरादून पुलिस ने इन सभी वांटेड अपराधियों पर घोषित इनाम की राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो यह राशि बढ़ाकर एक-एक लाख रुपये कर दी जाएगी।
इन 6 ‘मोस्ट वांटेड’ की तलाश में जुटी STF
पुलिस को जिन आरोपियों की सरगर्मी से तलाश है, उनमें आकाश कुमार प्रसाद उर्फ अरुण कुमार (22 वर्ष, बागबेड़ा), जितेंद्र कुमार साह उर्फ साहू (मानगो, जमशेदपुर), यशराज (24 वर्ष, गाड़ाबासा, बागबेड़ा), अंकित कुमार वर्मा (31 वर्ष, टेल्को), आशुतोष सिंह (24 वर्ष, जुगसलाई), विशाल सिंह (28 वर्ष, गाड़ाबासा, बागबेड़ा) शामिल है।
साजिश का ‘जमशेदपुर कनेक्शन’: जेल में रची गई थी मौत की स्क्रिप्ट
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि विक्रम शर्मा की हत्या की साजिश करीब 6 महीने पहले जमशेदपुर जेल की सलाखों के पीछे रची गई थी। पुरानी रंजिश और अंडरवर्ल्ड में वर्चस्व कायम करने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
कौन था विक्रम शर्मा?
विक्रम शर्मा कभी जमशेदपुर के कुख्यात डॉन अखिलेश सिंह का मेंटर (गुरु) हुआ करता था। वह आशीष डे और जयराम सिंह जैसे हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में नामजद था। पिछले कुछ समय से वह देहरादून में पहचान छिपाकर स्टोन क्रशर का कारोबार कर रहा था।
जिम में रेकी और फिर सिर में मारी गोली
वारदात को अंजाम देने के लिए शूटरों ने पूरी प्लानिंग की थी। आरोपी अंकित वर्मा ने उसी जिम में मेंबरशिप ली थी जहां विक्रम जाता था। 3 महीने तक रेकी करने के बाद, 13 फरवरी को जब विक्रम जिम से बाहर निकल रहा था, तब आशुतोष और विशाल ने उसके सिर में सटाकर गोलियां मार दी। इस मामले में पुलिस अब तक दो मददगारों-अक्षत ठाकुर और राजकुमार को जेल भेज चुकी है, जिन्होंने शूटरों को पनाह और गाड़ियां उपलब्ध कराई थी।
आम जनता से अपील: सूचना देने वाले का नाम रहेगा गुप्त
देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि उत्तराखंड पुलिस और एसटीएफ की टीमें झारखंड में लगातार छापेमारी कर रही हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि अगर इन अपराधियों के बारे में कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत कंट्रोल रूम नंबर 9411112972 पर सूचित करें। पहचान गुप्त रखी जाएगी।

