चाईबासा में जंगली हाथी का तांडव, ‘पुजारी मौसी’ की कुचलकर मौत, इलाके में दहशत और आक्रोश

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में मानव और हाथियों के बीच संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सदर प्रखंड के बड़ाकुुंडिया (तुरामडीह) का है, जहां एक जंगली हाथी ने भारी उत्पात मचाते हुए एक महिला को मौत के घाट उतार दिया और एक बुजुर्ग को गंभीर रूप से घायल कर दिया।

झोपड़ी तोड़कर महिला को निकाला बाहर
जानकारी के अनुसार यह दर्दनाक घटना बीती रात की है। एक जंगली हाथी खुले मैदान के पास स्थित झोपड़ी तक जा पहुंचा। हाथी ने न केवल झोपड़ी को तहस-नहस किया, बल्कि वहां मौजूद 55 वर्षीय महिला हांदू कुई को बेरहमी से कुचल दिया। महिला की मौके पर ही मौत हो गई। इसी हमले में एक बुजुर्ग व्यक्ति भी चपेट में आ गए, जिन्होंने किसी तरह टूटी हुई झोपड़ी के मलबे में छिपकर अपनी जान बचाई।

पूरे क्षेत्र में शोक: ‘पुजारी मौसी’ के नाम से थी मशहूर
मृतका हांदू कुई मूल रूप से तांतनगर प्रखंड के तेंताडा गांव की निवासी थी। वह पिछले एक महीने से बड़ाकुुंडिया में रहकर पूजा-पाठ का काम कर रही थी। स्वभाव से मिलनसार होने के कारण ग्रामीण उन्हें सम्मान से ‘पुजारी मौसी’ कहकर बुलाते थे। उनकी मौत की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

घायल का अस्पताल में इलाज जारी
हाथी के हमले में घायल बुजुर्ग को तत्काल चाईबासा के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर और सामान्य बनी हुई है, लेकिन वह अभी भी गहरे सदमे में हैं।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: ‘वन विभाग आखिर सो क्यों रहा है?’
इस घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। ग्रामीणों ने मांग की है कि हाथी को जल्द से जल्द काबू में किया जाए। प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा देने और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की भी मांग की गई है।

बड़ी चुनौतियां: पश्चिम सिंहभूम के जंगली इलाकों में हाथियों का रिहाइशी इलाकों में घुसना अब एक बड़ी समस्या बन चुका है। ग्रामीणों को डर है कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं और भी बढ़ सकती हैं।

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