धनबाद | सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टांडाबाड़ी बस्ती में मंगलवार को अचानक हुए भू-धसान ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इस हादसे में तीन मकान पूरी तरह जमीन में समा गए, जबकि आसपास की जमीन में गहरी और चौड़ी दरारें उभर आईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
हादसे के तुरंत बाद जमीन के भीतर से गैस का रिसाव शुरू हो गया, जो करीब 35 मीटर के दायरे में फैल गया। तेज गंध और संभावित खतरे को देखते हुए बीसीसीएल और जिला प्रशासन ने इलाके को ‘डेंजर जोन’ घोषित करते हुए घेराबंदी कर दी है। प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और पास के सरकारी स्कूल में राहत शिविर बनाया गया है।
👉 प्रशासन अलर्ट, राहत कार्य जारी
बाघमारा अंचल अधिकारी गिरजानंद किस्कू ने बताया कि प्रभावित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर ठोस रणनीति तैयार की जा रही है।
👉 BCCL ने क्षेत्र किया सील
बीसीसीएल के जीएम सेफ्टी संजय सिंह के अनुसार, घटना स्थल को पूरी तरह सील कर दिया गया है और आसपास के क्षेत्र को खाली कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हालात सामान्य होने के बाद जेसीबी मशीन से तकनीकी जांच और आगे की कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
👉 परिजनों में आक्रोश, मुआवजे की मांग
घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजन प्रशासन से नाराज नजर आए। उनका कहना है कि परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी कौन उठाएगा। उन्होंने एक सदस्य को नौकरी और 25-25 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।
परिजनों का आरोप है कि अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और परिवार न्याय व उचित मुआवजे की मांग पर अड़ा हुआ है।

