डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : सरायकेला खरसावां जिले में बिना किसी रोक टोक के बालू का अवैध खनन व परिवहन किया जा रहा है। चांडिल अनुमंडल के ईचागढ़, चांडिल, नीमडीह व कुकड़ू प्रखंड के स्वर्णरेखा व शांखा नदी से प्रतिदिन रात के अंधेरे में भारी मात्रा में अवैध रूप से बालू खनन व परिवहन बालू माफियाओं द्वारा किया जा रहा है।
बीच-बीच में धर पकड़ होने के बाद भी अवैध बालू माफियाओं द्वारा बालू का परिवहन किया जा रहा है। ईचागढ़, तिरुलडीह थाना क्षेत्र में दर्जनों बालू का अवैध स्टॉक यार्ड ही बना लिया गया है। जहां से ऊंचे दाम पर हाइवा व ट्रैक्टर से बालू बेचा जा रहा है। इसके लेकर ग्रामीणोें ने पुलिस प्रशासन के प्रति नराजगी व्याप्त है।
एनएच 32 व 33 में रात से सुबह तक दौड़ रहा सैकड़ों बालू लदा हाइवा
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के चांडिल, ईचागढ़ व चौका थाना क्षेत्र के एनएच 33 और नीमडीह थाना के एनएच 32 पर रात में काफी संख्या में बालू लदा हाइवा दौड़ रहा है। लोगों का तर्क है कि अगर स्टॉक से चालान में वैध रूप से बालू का परिवहन किया जा रहा है तो दिन में बालू लदा हाइवा क्यों नहीं चल रहा है ? रात को ही क्यों चलाया जा रहा है ? सुबह सात बजे के बाद दोनों राष्ट्रीय राजमार्ग में एक भी बालू लदा हाइवा दिखाई नहीं देता है। इससे स्पष्ट है कि चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में भारी मात्रा में बालू का अवैध खनन व परिवहन हो रहा है और जिला खनन विभाग व स्थानीय प्रशासन बीच बीच एक दो हाइवा को धर पकड़ कर सिर्फ खानापूर्ति कर रहें है।
अवैध रूप से बालू खनन कर नदी को बना दिया नाला
ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि नीमडीह प्रखंड में स्थित शांखा नदी में सिंदूरपुर गांव के पास अवैध बालू खनन का आदेश सरकारी स्तर पर नहीं है। इसके बाद भी तीन साल से अवैध रूप से बालू खनन कर नदी का प्राकृतिक सौंदर्य को तो नष्ट कर दिया गया। बालू का अवैध खनन से नदी को नाला बना दिया गया। लेकिन प्रशासन चुप्पी साधे है।
अवैध खनन से सरकारी राजस्व को हो रहा नुकसान
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध रूप से बालू खनन किया जा रहा है। प्रशासन से मांग है कि इस अवैध खनन को रोकें। अवैध खनन के कारण सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है। इधर हाइवा में ओवरलोड के कारण ग्रामीण सड़कें भी जर्जर होने लगी है।

